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शिकार करने में अक्षम गुलदार के घिसे चारों कैनाइन दांत, रेस्क्यू सेंटर में कटेगा जीवन

Updated: Sat, 29 Aug 2026 07:15 PM (IST)

बिजनौर में पकड़े गए एक गुलदार के चारों कैनाइन दांत घिस चुके हैं, जिससे वह शिकार करने में असमर्थ है। ...और पढ़ें

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HighLights

  1. बिजनौर में पकड़ा गया गुलदार, कैनाइन दांत घिसे।

  2. शिकार करने में असमर्थ, मानव आबादी के लिए खतरा।

  3. इटावा के रेस्क्यू सेंटर भेजा जाएगा, जीवनभर पिंजरे में।

जागरण संवाददाता, बिजनौर। कासमपुरगढ़ी क्षेत्र के गांव अगवानपुर के पास खेत से पकड़े गए गुलदार के चारों कैनाइन दांत घिस चुके हैं। उसके मुंह में भी घाव का निशान मिला है। यह गुलदार खुले में वन्यजीवों का शिकार करने में एकदम असमर्थ हो चुका है।

ऐसे में वन विभाग इस गुलदार को रेस्क्यू सेंटर में रखेगा। यह मानव आबादी के लिए खतरनाक होगा। इसे पूरा जीवन अब पिंजरे में ही रखा जाएगा। गुलदार को खाने के लिए वन विभाग की ओर से अभी चिकन दिया जा रहा है।

जिले में खेतों में गुलदारों का कुनबा बढ़ता जा रहा है। पिंजरों में गुलदार लगातार फंस भी रहे हैं। इसी वर्ष में पिंजरों में 60 गुलदार पकड़े जा चुके हैं। इन गुलदारों को बाहर चिड़ियाघर में भेजा जाता है।

वन विभाग की टीम ने कुछ दिन पहले कासमपुरगढ़ी क्षेत्र के गांव अगवानपुर में गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था। मंगलवार रात पिंजरे में गुलदार फंस गया था। उसे नगीना रेंज कार्यालय में रखा गया है।

अगवानपुर में पकड़े गए गुलदार का भी चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। जांच में गुलदार की आयु सात से आठ वर्ष मिली, साथ ही उसके चारों कैनाइन दांत घिसे हुए मिले। गुलदार पिंजरे में बंद की गई मुर्गी को खाने के चक्कर में फंसा था।

कैनाइन दांतों के बिना शिकार नहीं कर पाता गुलदार

गुलदार के कैनाइन दांत उसके मुंह में ऊपर और नीचे के दो-दो दांत होते हैं। ये शिकार करते समय वन्यजीव के मांस में धंस जाते हैं। कई बार शिकार करते समय या वर्चस्व की जंग में ये दांत टूट भी जाते हैं। ये दांत शिकार करते- करते घिस भी जाते हैं। कैनाइन दांतों के घिसने पर गुलदार मनुष्यों पर हमला करना शुरू कर देता है।

कासमपुरगढ़ी क्षेत्र में पकड़े गए एक गुलदार के चारों कैनाइन दांत घिस गए हैं। उसके मुंह में जख्म सा भी है। उसे रेस्क्यू सेंटर भेजने की अनुमति के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।

-जय सिंह कुशवाहा, डीएफओ।