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    बिजनौर विधानसभा क्षेत्र: विधायक का हर गांव में विकास कार्य कराने का दावा, लेकिन कई समस्याओं का नहीं हुआ समाधान

    By Rajnarayan Kaushik Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Thu, 30 Jul 2026 04:29 PM (IST)

    Uttar Pradesh MLA Report Card: बिजनौर विधायक सुचि मौसम चौधरी ने विकास कार्यों का दावा किया है। हालांकि मालन नदी पर पुल और ग्रामीण सड़कों जैसी कई समस्य ...और पढ़ें

    बिजनौर विधानसभा क्षेत्र

    बिजनौर विधानसभा क्षेत्र

    HighLights

    1. नगीना रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण की उम्मीद जगी।

    2. मालन के किनारों पर अतिक्रमण की समस्या का स्थायी समाधान नहीं

    जागरण संवाददाता, बिजनौर। बिजनौर विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2017 और वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में क्षेत्र की जनता ने भाजपा प्रत्याशी सुचि मौसम चौधरी पर विश्वास जताया और चुनकर विधानसभा भेजा।

    विधायक बनने के बाद और प्रदेश में भाजपा की सरकार होने का लाभ भी विधायक ने उठाया और क्षेत्र की कई समस्याओं का निदान भी कराया। पिछले दिनों बिजनौर आए मुख्यमंत्री ने खुद मंच से नगीना रेलवे फाटक पर ओवर ब्रिज निर्माण की मांग को स्वीकार करते हुए विधायक से इसका प्रस्ताव भी मांग लिया था।

    इतना सब होने के बाद भी अभी भी विधानसभा क्षेत्र की तमाम समस्याएं ऐसी हैं, जिनका समाधान नहीं हो सका है। विधानसभा क्षेत्र में ब्रह्मपुरी-रावली के बीच मालन नदी पर रपटा बना हुआ है। बरसात के दिनों में नदी उफान पर रहती है, जिस कारण रपटे पर काफी पानी आ जाता है और कई गांवों का संपर्क भी टूट जाता है। जिसका समाधान बरसों से चली आ रही मांग के बाद भी नहीं हो सका है।

    बिजनौर विधानसभा क्षेत्र से होकर बहती मालन नदी जनपद की मुख्य नदियों में से एक है। मालन के दोनों किनारों पर अतिक्रमण किया हुआ है। जिस हटाने के लिए कई बार योजना बनाई गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका। यहीं कारण है हर बार बरसात के दिनों में विधानसभा क्षेत्र के तमाम गांवों को नदी की बाढ़ का सामना करना पड़ता है।

    नदी के किनारे बसे गांव बादशापुर, लखुवाला, भोगपुर, चांदपुर, शहजादपुर आदि तक पानी पहुंचता है और कई दिनों में यहां जलभराव की समस्या रहती है। ग्रामीण पिछले काफी समय से ब्रह्मपुरी-रावली के बीच मालन नदी पर बने रपटा के ऊपर पुल निर्माण की मांग उठा रहे हैं।

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    विधायक के समक्ष भी इस समस्या को रखा गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका। इस बार भी बरसात के दिनों में रपटे पर पानी आ गया और ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसे ही विधानसभा क्षेत्र की सड़कों के निर्माण और मरम्मत की बात करें तो विधायक अपनी निधि का बड़ा हिस्सा सड़कों की मरम्मत आदि पर खर्च करने का दावा करती हैं। लेकिन धरातल पर देखे तो अभी भी कई गांवों के संपर्क मार्गों की हालत खराब है।

    शहरी क्षेत्र में सुविधाओं की बात करें तो यहां काफी समय से सीवर लाइन डाली हुई है, लेकिन इसके कनेक्शन घरों में नहीं किए जा सके हैं। यहीं कारण है हर बार बरसात में आवास विकास कालोनी से लेकर घेर रामबाग तक का क्षेत्र बरसात के पानी में डूब जाता है।

    क्षेत्र के हर गांव में कराए विकास कार्य: विधायक

    विधायक सुचि मौसम चौधरी के अनुसार अपनी विधानसभा क्षेत्र में कराए विकास कार्यों के कारण ही दूसरी बार विधायक चुनी गई। शायद ही क्षेत्र का कोई ऐसा गांव होगा, जहां कोई न कोई विकास कार्य न कराया हो। 298 परियोजनाओं पर 15 करोड़ से अधिक का बजट खर्च कर गांवों स्ट्रीट लाइट, सीसी रोड, प्याऊ, यात्री शेड बनवाए।

    नेहरू स्टेडियम में 7.55 करोड़ रुपये की लागत से वेट लिफ्टिंग, कुश्ती हाल और स्विमिंग पूल के जीर्णोद्धार कार्य शुरू कराए। 30.97 लाख की लागत से स्क्वाश कोर्ट बनवाया। गंगा पर रावली में बने तटबंध को बनवाने की मांग भी पूरे जोर के साथ उठाई और तटबंध बन गया। नगीना रेलवे फाटक के ऊपर बनने वाले ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए भी मुख्यमंत्री के समक्ष मांग रखी गई।

    समस्याओं का नहीं हुआ समाधान: बसपा प्रत्याशी

    विधानसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी के रूप में तीसरे नंबर पर रहीं रुचि वीरा का कहना है कि दावे चाहे जितने भी हों, किंतु डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद क्षेत्र में जितना विकास होना चाहिए था, उतना विकास अभी तक नहीं हुआ। जिला मेडिकल अस्पताल में मरीज की संख्या बढ़ रही है, किंतु विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी की वजह से मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा। सड़कों की स्थिति खराब है। मालन नदी के रपटे पर पुल की मांग काफी समय से उठ रही है, लेकिन समाधान नहीं हो सका है।

    जनता कहिन

    विकास के नाम पर खानापूरी की गई है। कई बार ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत की मांग भी उठी, किंतु अभी तक उक्त सड़कें पूरी तरह से गड्ढामुक्त नहीं हुई है। विधायक ने सदन में भी क्षेत्र के विकास का कोई मुद्दा नहीं उठाया। 
    -जितेंद्र कुमार, शांति नगर, बिजनौर।

    खेलों के विकास के लिए नेहरू स्टेडियम में स्क्वाश कोर्ट बनने और वेट लिफ्टिंग, कुश्ती हाल और स्वीमिंग पूल का जीर्णोद्धार होने से निश्चित रूप से खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा। और उनकी प्रतिभा में भी निखार आएगा।
    -सुरेंद्र सिंह राठी, ज्ञान विहार कालोनी बिजनौर।

    क्षेत्र में विकास तो हुआ, किंतु किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और न ही बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के मुद्दे को लखनऊ स्तर पर उठाया। खाद एवं बीज की बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर भी वह चुप रहीं।
    -अमित कुमार, बिजनौर।

    क्षेत्र में विकास हुआ है। गांवों में सड़कें और स्ट्रीट लाइटें लगाई गई है। विधायक अपने आवास पर लोगों की समस्याएं सुनतीं हैं और संबंधित अधिकारियों से उनका निदान कराने का काम भी करती है। इसका लाभ लोगों को मिलता है।
    -हरेंद्र डबास, बिजनौर।