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बिजनौर में गंगा के चैनल में पानी का बहाव था तेज... एक किलोमीटर भी नहीं जा सकी अधिकारियों की बोट

By Ajeet Chaudhary Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 23 Aug 2026 06:51 PM (IST)

सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता ने बिजनौर में रावली बैराज और गंगा तटबंध का निरीक्षण किया, जहां पानी का बहाव ...और पढ़ें

बिजनौर में गंगा में बने चैनल का बोट से निरीक्षण करते मुख्य अभियंता उपेंद्र सिंह (दाएं से पहले), अधीक्षण अभियंता विजय कुमार (दाएं से दूसरे) व अन्य अधिकारी। सौजन्य : सिंचाई विभाग

बिजनौर में गंगा में बने चैनल का बोट से निरीक्षण करते मुख्य अभियंता उपेंद्र सिंह (दाएं से पहले), अधीक्षण अभियंता विजय कुमार (दाएं से दूसरे) व अन्य अधिकारी। सौजन्य : सिंचाई विभाग

HighLights

  1. मुख्य अभियंता ने रावली बैराज तटबंध का निरीक्षण था किया।

  2. तेज बहाव के कारण अधिकारियों की नाव आगे नहीं बढ़ सकी।

  3. पानी की गहराई जांचने के लिए सैटेलाइट मशीन का उपयोग होगा।

जागरण संवाददाता, बिजनौर। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता ने रावली बैराज के तटबंध और गंगा में बने चैनल का निरीक्षण किया। चैनल में पानी इतना तेज था कि मुख्य अभियंता व अन्य स्टाफ की बोट आगे एक किलोमीटर भी नहीं जा सकीं। बाद में बोट को वापस लाना पड़ा। तटबंध के निरीक्षण पर उन्होंने पानी के वेग को कम करने के लिए तटबंध के पास रेत की बोरी और लकड़ी-सीमेंट के पिंजरे और बढ़ाने के निर्देश दिए। कहा कि बरसात अभी समाप्त नहीं हुई है। हर स्थिति पर पैनी नजर रखनी है।

सिंचाई विभाग द्वारा गंगा से होने वाले कटान को रोकने व तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए गंगा में लगभग सात किलोमीटर लंबा चैनल बनाया गया है। इसके अलावा एसीबीएम तकनीक से तटबंध के लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र को पक्का किया गया है। पिछले तीन चार दिन से गंगा की धारा का वेग तटबंध की ओर बहुत तेज था। तटबंध लगातार बैठ रहा था। धारा को तटबंध से टकराने से रोकने के लिए रेत की बोरी, लकड़ी-सीमेंट के पिंजरों में रेत की बोरी और पेड़ों की शाखाएं आदि भरकर डाली गईं थीं।

शनिवार को सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता उपेंद्र सिंह, अधीक्षण अभियंता विजय कुमार ने अधिशासी अभियंता प्रणव सिंह के साथ इस चैनल का निरीक्षण किया। चैनल के निरीक्षण में एक बोट में मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता व अन्य अधिकारी तथा दूसरी बोट में अन्य कर्मचारी थे। गंगा बैराज की ओर से बोट को चैनल में ले जाया गया। चैनल में नदी की उल्टी दिशा में धारा का प्रवाह इतना तेज था कि पीछे सहायक अभियंता और बाकी कर्मचारियों वाली बोट 400 मीटर तक ही जा सकी।

मुख्य अभियंता की बोट भी चैनल में 700 मीटर से आगे नहीं बढ़ सकी। पानी के वेग के आगे बोट को वापस लौटाना पड़ा। इस दौरान पानी की गहराई आठ मीटर से अधिक और चैनल की चौड़ाई 400 मीटर से अधिक मिली। गंगा में आने वाले बहाव का कुल 70 से 80 प्रतिशत पानी चैनल से निकलता मिला। मुख्य अभियंता ने तटबंध का भी निरीक्षण किया। उन्होंने तटबंध से पानी की धारा को सीधे टकराने से रोकने के लिए निर्देश दिए। अधिशासी अभियंता कर्णपाल सिंह ने बताया कि इस संबंध में कार्य किया जा रहा है।

सेटेलाइट से होगी पानी के प्रवाह और गहराई की जांच
गंगा के चैनल की गहराई और चौड़ाई की पूरी माप के लिए अब सेटेलाइट का सहारा लिया जाएगा। इसके लिए शासन से एक मशीन मंगवाई गई है। मशीन सोमवार से कार्य शुरू कर देगी। इससे पूरी गंगा की गहराई और पानी की स्थिति का पता चलेगा। इस मशीन से पानी से जुड़े सटीक आंकड़े मिलेंगे।

चैनल की वजह से गंगा की धारा सीधी हुई है
गंगा में बने चैनल की वजह से गंगा की धारा सीधी हुई है। चैनल में पानी का प्रवाह इतना तेज है कि यहां बोट भी बैराज की ओर से चढ़ नहीं पा रही हैं। चैनल में गंगा में आने वाला 70 से 80 प्रतिशत तक पानी निकल रहा है।
प्रणव सिंह, अधिशासी अभियंता- सिंचाई विभाग