दूल्हे के पिता का मुस्लिम हुलिया देखा तो बिफर पड़ा दुल्हन पक्ष, फेरे रोके; खूब हुआ हंगामा... यह था मामला
बिजनौर के नगीना में एक विवाह समारोह में दूल्हे के पिता के मुस्लिम वेशभूषा में आने पर दुल्हन पक्ष ने फेरे रोक दिए, जिससे काफी हंगामा हुआ। पुलिस के पहुं ...और पढ़ें

नगीना के एक गांव में फेरे रोके जाने के बाद के गांव में लगी लोगों की भीड़। जागरण
HighLights
दूल्हे के पिता मुस्लिम वेशभूषा में मंडप जा पहुंचे थे।
दुल्हन पक्ष ने फेरे रोककर जमकर हंगामा किया।
पुलिस हस्तक्षेप के बाद सुबह शांतिपूर्वक विवाह संपन्न।
संवाद सूत्र, जागरण, नगीना (बिजनौर) : एक गांव में आयोजित विवाह समारोह में गुरुवार देररात उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब दूल्हे का पिता मुस्लिम हुलिये में मंडप में पहुंचा। मुस्लिम रूप देख चर्चा शुरू हो गई और दुल्हन पक्ष ने फेरों से इन्कार कर दिया। सुबह तक हंगामा होता रहा।मौके पर पुलिस भी पहुंची।
पूछताछ में दूल्हे के पिता ने बताया कि वह मन से इस्लाम अपना चुका है, लेकिन सामाजिक रूप से नहीं अपनाया है। शुक्रवार सुबह 10 बजे फेरों की रस्म पूरी की गई। विवाह समारोह में देर रात तीन बजे फेरों की रस्म शुरू हुई और वर के पिता को बुलाया गया। दूल्हे का पिता मंडप में पहुंचा तो चर्चा शुरू हो गई, क्योंकि दूल्हे के पिता की वेशभूषा मुस्लिम जैसी थी।
दूल्हे के पिता का रूप देखकर नाराज हुए लड़की पक्ष ने फेरों की रस्म रोक दी और हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद लड़की पक्ष के लोग मंडप से अपने घर चले गए। उधर, दूल्हा पक्ष भी लड़की पक्ष के घर पहुंचा और समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बन सकी। हंगामा बढ़ने पर सुबह के समय पुलिस भी गांव पहुंची। यहां पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनी और बाद में दोनों पक्ष विवाह के लिए राजी हो गए।
10 बजे फेरों की रस्म पूरी की गई। ग्रामीणों ने बताया कि दूल्हे का पिता काफी समय से मुस्लिम की वेशभूषा में रहता है और मस्जिद में भी जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि दूल्हा और दुल्हन परिचित हैं और दोनों की सहमति के बाद स्वजन ने विवाह तय किया था। थानाध्यक्ष अवनीत मान ने बताया कि दूल्हे के पिता की दाढ़ी बढ़ी देख असहमति बन गई थी। बाद में दोनों का विवाह शांतिपूर्वक संपन्न हो गया है। किसी पक्ष ने शिकायत नहीं की है।