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    आईवीएफ बच्चा इस्लाम व शरीयत के खिलाफ, इसे जन्म से पहले खत्म कर दो... ससुराल वालों का हुक्म, पीड़िता ने साझा किया दर्द

    By Kamal Singh Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Thu, 28 May 2026 03:59 PM (IST)

    बिजनौर में आईवीएफ से गर्भवती हुई महिला को ससुराल वालों ने शरीयत के खिलाफ बताकर मारपीट कर घर से निकाल दिया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पति सहित छह ल ...और पढ़ें

    (प्रतीकात्मक फोटो)

    (प्रतीकात्मक फोटो)

    HighLights

    1. आईवीएफ से गर्भवती महिला को ससुराल वालों ने पीटा।

    2. ससुराल पक्ष ने बच्चे को शरीयत के खिलाफ बताया।

    3. बिजनौर पुलिस ने छह आरोपियों पर केस दर्ज किया।

    संवाद सूत्र, कोतवाली देहात (बिजनौर)। महिला को आईवीएफ की मदद से गर्भधारण करना भारी पड़ गया। ससुराल पक्ष ने इसे शरीयत के विरुद्ध बताते हुए महिला को घर से मारपीट कर निकाल दिया। कहा गया कि आईवीएफ तकनीक से पैदा होने वाला बच्चा इस्लाम तथा शरीयत के खिलाफ है। इसे पैदा होने से पहले ही खत्म कर दो। पीड़िता ने पुलिस के समक्ष अपना दर्द साझा किया। एसपी के आदेश पर पुलिस ने पति, जेठ सहित छह लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया।

    गांव हुसैनाबाद उर्फ दौलताबाद निवासी गुलशन का निकाह थाना नागल क्षेत्र के गांव दहीरपुर निवासी फुरकान पुत्र मोहम्मद इस्माइल के साथ लगभग 12 साल पूर्व हुआ था। गुलशन से बच्चा न होने पर ससुराल पक्ष के लोगों पर आए दिन मारपीट करते थे। आरोप है कि गत वर्ष उसने अपने पति की सहमति से गाजियाबाद के एक अस्पताल में आईवीएफ तकनीक से गर्भधारण कराया था। जिसकी जानकारी उसके जेठ इमरान, जेठानी शमीमा तथा शमीमा के पिता शमीम निवासी ग्राम रेहरा थाना हीमपुर दीपा को हुई।

    उन्होंने जायदाद का बंटवारा होने की स्थिति में षड्यंत्र रचते हुए कहा कि आईवीएफ तकनीक से पैदा होने वाला बच्चा इस्लाम तथा शरीयत के खिलाफ है। इसे पैदा होने से पहले ही खत्म कर दो। आरोप है कि चार अप्रैल 2026 को इमरान, शमीमा, शमीम, इस्माइल, गुलशन का पति फुरकान उसके मायके दौलताबाद आए और घर में घुसकर मारपीट की।

    क्या है आईवीएफ
    आईवीएफ एक ऐसी तकनीक है, जिससे संतान की चाह रखने वाले दंपती गर्भधारण कर सकते हैं। ये प्राकृतिक रूप से गर्भधारण में विफल लोगों के लिए गर्भधारण का माध्यम बन सकता है। आईवीएफ में क्या होता है-इसमें महिला के शरीर में होने वाली निषेचन की प्रक्रिया (महिला के अंडे व पुरुष के शुक्राणु का मिलन) को बाहर लैब में किया जाता है। लैब में बने भ्रूण को महिला के गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है। यह प्रक्रिया उन लोगों के लिए उपयोगी है जो प्राकृतिक रूप से गर्भधारण नहीं कर पाते।

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