बिजनौर में रोजाना 250 लोगों को काट रहे आवारा कुत्ते, हमले में एक साल में तीन बच्चों और एक महिला मौत
Bijnor News : बिजनौर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ रहा है, जहां हर दिन औसतन 250 लोग घायल हो रहे हैं। ...और पढ़ें

HighLights
गर्मी बढ़ने के साथ कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ीं।
आवारा आतंक को नियंत्रित करने में प्रशासन नाकाम।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। आवारा आतंक को नियंत्रित करने के लिए 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश जारी कर रिपोर्ट भी मांगी थी। तब जनपद में भी कागजों में खूब कार्य हुआ और सार्वजनिक स्थलों से कुत्तों को बाहर करने की बात कही गई।
साथ ही एबीसी सेंटर बनाने की कवायद शुरू कर दी गई और भूमि का चयन भी कर लिया गया। लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं हो सका है। कुत्तों को लेकर ठोस नीति न होने के कारण हर दिन औसतन 250 लोगों पर हमला कर घायल कर रहे हैं।
धामपुर तहसील क्षेत्र में आवारा कुत्तों द्वारा काटने के सबसे अधिक मामले अफजलगढ़, नहटौर, भूतपुरी आदि क्षेत्रों में सामने आते हैं। धामपुर में कुछ मामले सामने आए हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही फिर से आवारा कुत्तों द्वारा काटने की घटनाएं हो रही हैं।
धामपुर अफजलगढ़, नहटौर नगर पालिकाओं द्वारा दो माह पहले आवारा कुत्तों को पकड़वाने का अभियान चलाया गया था, जिसमें अफजलगढ़ में 25 व नहटौर 20 आवारा कुत्तों को बिजनौर की एक संस्था द्वारा पकड़वाया गया था। जिसके बाद बिजनौर में उनका टीकाकरण व बधियाकरण किया गया था।
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उधर, धामपुर नगर पालिका ने अलीगढ़ की एक संस्था को ठेका दिया था, साथ ही धामपुर पालिका परिसर में एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) बनाया गया है। ऐसा ही हाल बिजनौर के साथ जनपद की 12 नगर पालिका और नगर पंचायतों का है।
यहां भी कुत्तों को नियंत्रित करने और बधियाकरण किए जाने के लिए निर्देश जारी किए गए। लेकिन निर्देशों के अनुसार कार्य एक-दो नगर पालिका और पंचायतों में ही सका।
हर दिन बढ़ रहे हमले
जनपद में पिछले एक साल की बात करें तो तीन बच्चों और एक महिला पर हमला कर कुत्ते मौत के घाट उतार चुके हैं। जबकि दर्जनों जंगली जानवरों का शिकार भी आवारा कुत्ते हर माह करते हैं। अब गर्मी बढ़ने के साथ नजीबाबाद, चांदपुर, नगीना आदि नगर पालिका क्षेत्र में भी कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ गई है।
सर्वे बता रहा निकायों में मात्र 5,800 आवारा कुत्ते
पिछले दिनों हुए सर्वे के बाद आवारा कुत्तों की संख्या के बाद जारी रिपोर्ट में बताया गया कि जनपद की 18 निकायों में मात्र 5800 है। जिसमें 70 प्रतिशत कुत्तों का टीकाकरण के साथ बंधियाकरण का कार्य भी पूरा कर लिया गया है।
अगर सही में सर्वे किया जाए तो इतने कुत्ते को बिजनौर और किरतपुर निकाय में ही मिल जाएंगे। जबकि इस सर्वे में गांवों को शामिल नहीं किया गया, जहां सबसे अधिक आवारा कुत्तों की संख्या है।
इन्होंने कहा
आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए एबीसी सेंटर बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सभी प्रक्रियाओं को पूर्ण कर सेंटर का निर्माण कराया जाएगा।-अंशिका दीक्षित, एडीएम प्रशासन