मूर्ति की परिक्रमा करने वाला कुत्ता इलाज के बाद लौटा गांव, हजारों ग्रामीणों ने जयकारों के साथ किया स्वागत
Bijnor news : बिजनौर के नंदपुर गांव में हनुमान जी की मूर्ति की परिक्रमा करने वाला कुत्ता दो सप्ताह के इलाज के बाद लौट आया है। दिल्ली के मैक्स पेट जेड ...और पढ़ें

बिजनौर के नंदपुर गांव पहुंचा कुत्ता, मूर्ति के पास एनजीओ के सदस्य कुत्ते के साथ। सौ. संस्था
HighLights
ग्रामीणों ने 'भैरव' नाम देकर भव्य स्वागत किया।
एक ग्रामीण ने गोद लिया, एनजीओ रखेगा स्वास्थ्य पर नजर।
संवाद सूत्र, जागरण, नगीना (बिजनौर)। नगीना क्षेत्र के गांव नंदपुर के नंदलाल देवता मंदिर में एक सप्ताह तक हनुमान जी की मूर्ति की परिक्रमा करने वाले कुत्ते का नोएडा के शिवालय एनिमल शेल्टर में दिल्ली के अस्पताल के पशु चिकित्सकों की निगरानी में इलाज चल रहा था।
दो सप्ताह के उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार होने के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है। बुधवार शाम उसे लेकर एनजीओ की टीम गांव के मंदिर में पहुंचे तो हजारों ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीण मंदिर में प्रत्येक शनिवार को बालाजी का दरबार लगवाने की पूर्व में ही घोषणा कर चुके हैं।
ग्रामीणों ने दिया है भैरव नाम
ग्रामीणों ने उसे भैरव नाम दिया है। यही नाम लेकर जयकारों के साथ उसका स्वागत किया गया। उसे लेकर आने वाली एनजीओ की टीम के सदस्यों का स्वागत करते हुए ग्रामीणों ने उनके प्रयासों की सराहना की।
एनजीओ प्रेमपथ एनिमल शेल्टर से जुड़े आनंद चरिटेबल ट्रस्ट, बिजनौर के ट्रस्टी अश्वनी चित्रांश ने बताया कि भैरव के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार के बाद दिल्ली के मैक्स पेट जेड अस्पताल के डाक्टरों ने उसे डिस्चार्ज कर दिया। डाक्टरों की सलाह पर उसे कम से कम तीन सप्ताह तक दवा दी जाएगी।
खबरें और भी
ग्रामीण ने लिया गोद
अश्वनी चित्रांश ने बताया कि ग्रामीण अश्वनी सैनी ने भैरव को गोद ले लिया है। वह इसकी देखभाल करेंगे। इस सबंध में लिखित कार्रवाई की गई है। एनजीओ की टीम भी बराबर उसकी सेहत पर नजर रखेगी। फिलहाल उसे मंदिर परिसर के आसपास छोड़ा जाएगा।
12 जनवरी को मूर्ति की परिक्रमा करते दिखा था कुत्ता
ग्रामीणों के अनुसार गत 11 जनवरी की दोपहर उक्त कुत्ता मंदिर के आसपास दिखाई दिया। 12 जनवरी की तड़के उन्हें मंदिर परिसर में लगी हनुमान जी की मूर्ति की परिक्रमा करते मिला। परिक्रमा का क्रम 18 जनवरी तक चला। इसके बाद सेहत बिगड़ने पर उसे दिल्ली भेजा गया था।