Gorakhpur-Shamli Expressway के लिए किसानों ने मांगा बाजार मूल्य से 10 गुना मुआवजा, CM के नाम SDM को सौंपा ज्ञापन
Gorakhpur-Shamli Expressway: गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण पर किसानों ने एसडीएम धामपुर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें उचित मुआवजे और पारदर्श ...और पढ़ें

एसडीएम कार्यालय धामपुर पहुंचे कई गांवों के किसान।
HighLights
भूमि की पैमाइश किसानों की मौजूदगी में कराने पर जोर दिया।
प्रभावित किसानों के लिए पुनर्वास योजना बनाने की मांग।
संवाद सहयोगी, धामपुर (बिजनौर)। गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस वे के लिए अधिग्रहित की जा रही कृषि भूमि के उचित मुआवजे और पारदर्शी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया की मांग को लेकर किसान एसडीएम धामपुर से मिले। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा। उनका कहना था कि बाजार मूल्य से 10 गुना मुआवजा दिया जाए तथा किसानों की मौजूदगी में पैमाइश कराई जानी चाहिए।
बुधवार को ब्लाक बुढ़नपुर के गांव गुरदासपुर, बहादुरपुर, सत्तोनंगली, दिनदारपुर, दौलताबाद, मंडोरी, कृष्णा रामपुर, सुल्तानपुर आदि कई गांवों के किसान एसडीएम कार्यालय धामपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अधिग्रहित भूमि का मुआवजा वास्तविक बाजार मूल्य के आधार पर कम से कम 10 गुना दिया जाने की मांग की।
साथ ही भूमि की पैमाइश, सीमांकन और जांच प्रत्येक किसान की मौजूदगी में कराई जाने तथा इसकी पूर्व सूचना लिखित रूप से किसानों को उपलब्ध कराए जाने जानी चाहिए। किसानों ने यह भी मांग की कि अधिग्रहित होने वाली प्रत्येक खसरा संख्या का नक्शा और विवरण किसानों को उपलब्ध कराया जाए तथा किसी भी प्रकार के विवाद या आपत्ति का निस्तारण मुआवजा तय करने से पहले किया जाए।
मुआवजा भुगतान पूरी तरह पारदर्शी तरीके से हो और जिन किसानों की अधिकांश या पूरी कृषि भूमि अधिग्रहित हो रही है, उनके पुनर्वास एवं आजीविका के लिए विशेष योजना बनाई जाए। कहा कि जिन किसानों की भूमि कोरिडोर के दोनों ओर बच रही है, उनके खेतों तक सिंचाई की सुविधा बनाए रखने के लिए पाइपलाइन और आवश्यक अंडरपास की व्यवस्था कराई जाए ताकि खेती प्रभावित न हो।
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किसानों ने प्रशासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर न्यायोचित निर्णय लेने पर जोर दिया। उनका कहना था कि इससे प्रभावित किसानों का सरकार के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होगा। इस अवसर पर अरविंद कुमार, भूपेंद्र सिंह, तुलाराम सिंह, ब्रह्मपाल सिंह, डा. अभयवीर सिंह ढाका, परम सिंह, रघुवीर सिंह, महेंद्र सिंह, धर्मवीर सिंह, पुष्पेंद्र कुमार, रेखा देवी, छाया देवी, सुनीता देवी, रामअवतार सिंह आदि किसान मौजूद रहे।