Gorakhpur-Shamli Expressway व मेरठ-पौड़ी हाईवे के पास बनेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, बिजनौर में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया हुई तेज
बिजनौर में मेरठ-पौड़ी हाईवे और गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के पास औद्योगिक गलियारे के लिए 10 गांवों में भूमि अंश निर्धारण का काम शुरू हो गया है। यूपीडा ...और पढ़ें

बिजनौर में औैद्योगिक गलियारे को 10 गांवों में अंश निर्धारण का काम शुरू (AI Generated Image)
HighLights
बिजनौर में औद्योगिक गलियारे से विकास और रोजगार के खुलेंगे नए द्वार।
यूपीडा ने बिजनौर के 10 गांवों में भूमि अंश निर्धारण प्रक्रिया शुरू की।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। जनपद से गुजर रहे मेरठ-पौड़ी हाईवे-119 और प्रस्तावित गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के पास औद्योगिक गलियारे के लिए चयनित तहसील सदर के 10 गांवों में अंश निर्धारण का काम शुरू हो गया।
यूपीडा के भू-अर्जन अधिकारी राकेश कुमार गुप्ता ने सरकारी एवं निजी भूमि के अंश निर्धारण की समीक्षा की। इस प्रक्रिया के बाद चयनित भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। औद्योगिक गलियारा बनने से जनपद के विकास की रफ्तार तेज होगी और रोजगार के लिए अवसर भी उपलब्ध होंगे।
उत्तराखंड की सीमा पर बसे बिजनौर में अभी उद्योग काफी कम है और यहां जमीन बहुत है। ऐसे में प्रदेश सरकार का पूरा जोर यहीं की जमीन पर औद्योगिक निवेश को उतारने पर है। इसके लिए यहां एक्सप्रेसवे और हाईवे के किनारे औद्योगिक गलियारा बनाने के लिए जरूरी जमीन का अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है।
जून 2026 में यूपीडा के अधिकारियों ने नायब तहसीलदार सार्थक चावला और राजस्व विभाग की टीम के साथ औद्योगिक गलियारे (Industrial Corridor) के निए चयनित क्षेत्र के ग्राम पपावर खुर्द, इस्लामपुर जलाल, अलीपुर माखन, खाना पट्टी, उलकपुर, स्वाहेड़ी बुजुर्ग, यूसुफाबाद, किशनपुर, मुंढाला स्थलीय निरीक्षण था। उस वक्त इन अधिकारियों ने तहसील सदर के इन प्रस्तावित गांवों की प्रस्तावित भूमि चयनित किए जान की बात कहीं थी।
वर्तमान में इन प्रस्तावित गांवों में निजी भूमि के मालिकों और सरकारी भूमि के अंश निर्धारण करने के साथ-साथ नदी, नालों नलकूपों की सत्यापित की जाएगी, ताकि अधिग्रहण के दौरान कोई दिक्कत न हो। यूपीडा के भू-अर्जन अधिकारी राकेश कुमार गुप्ता ने सभाकक्ष में गुरुवार को तहसील सदर में प्रस्तावित इन गांवों में अंश निर्धारण कार्य कर बिंदुवार समीक्षा की।
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उन्होंने कहा कि अंश निर्धारण का काम 1359 फसली सरकारी से होगा। बैठक में तहसीलदार सदर अशीष सक्सेना एवं चयनित गांवों के लेखपाल मौजूद थे। इस कार्यवाही के बाद अधिग्रहण का काम शुरू हो जाएगा।
विकास की रफ्तार होगी तेज
मेरठ-पौड़ी हाईवे-119 और प्रस्तावित गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के पास औद्योगिक गलियारा बनने के बाद जहां दूसरे प्रदेशों से आवाजाही आसान होगी। जनपद के विकास की रफ्तार तेज होगी और रोजगार के लिए अवसर भी उपलब्ध होंगे। इसके लिए 11,544 करोड़ रुपये के एमओयू पर पहले ही साइन हो चुके हैं। जिला प्रशासन ने तहसील सदर के मंडावर क्षेत्र में मालन नदी के बांये छोर के आठ गांव की 1,175 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की थी।