विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

MP के पूर्व मुख्यमंत्री की जमीन हड़पने के साजिशकर्ता की तलाश, UP पुलिस खंगाल रही जमीन के रिकाॅर्ड

By Birendra Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Fri, 02 Oct 2026 06:23 PM (IST)

Uttar Pradesh land scam: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की 26 बीघा जमीन हड़पने के मामले में उत्तर प्रदेश ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1.  आरोपितों ने खुद की तैयार की थी वसीयत और मृत्यु प्रमाणपत्र।

  2. बिजनौर के एसपी ने एएसपी देहात को सौंपी थी जांच, इसमें खुला फर्जीवाड़ा।

जागरण संवाददाता, बिजनौर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की 26 बीघा जमीन हड़पने के फरार आरोपितों की तलाश में दबिश दी जा रही है। वहीं पुलिस ने जमीन संबंधित रिकाॅर्ड तहसील से मांगा है। जसविंदर और विजय शंकर के साथ मिलकर ही फर्जी वसीयत और मृत्यु प्रमाणपत्र बनाया था। वसीयत विजय शंकर ने ही टाइप की थी और गवाह बना था। पुलिस को जमीन हड़पने के साजिशकर्ता की तलाश है। 

मध्य प्रदेश के जिला छिंदवाड़ा के कमलाकुंज नागपुर रोड गांव शिकारपुर निवासी निवासी पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को नजीबाबाद थाने में गांव महावतपुर बिल्लौच निवासी पूर्व प्रधान धर्मपाल सिंह, नजीबाबाद के मुहल्ला अमीखानपुर निवासी जसविंदर ढिल्लो, जिला देवरिया के गांव बरठी हाल ही निवासी मुहल्ला श्यामली नजीबाबाद निवासी विजय शंकर व लेखपाल डेविड के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

उन्होंने बताया था कि उनके पिता स्व. महेंद्रनाथ की नजीबाबाद तहसील के गांव अमी खानपुर में 90 बीघा जमीन है। 18 मई 2026 में पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से जमीन पर विरासत दर्ज कराने के लिए नजीबाबाद तहसीलदार के यहां आवेदन किया गया। इस पर लेखपाल ने उक्त जमीन पर अन्य वाद भूमि विवादित लिखकर रिपोर्ट तहसीलदार के यहां प्रेषित कर दी। आरोपित धर्मपाल सिंह की ओर से फर्जी वसीयत दाखिल की गई है।

यह भी पढ़ें- UP में हड़पी MP के पूर्व मुख्यमंत्री की 26 बीघा जमीन, पिता का फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बनवाकर की धोखाधड़ी, दो गिरफ्तार

वसीयत 10 अक्टूबर 1998 में तैयार दिखाई गई है। महेंद्रनाथ का एक फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र भी पेश किया। पुलिस ने गुरुवार को धर्मपाल और विजय शंकर को गिरफ्तार किया था। अब पुलिस जांच कर रही है। हालांकि लेखपाल का दावा है कि उसने धर्मपाल के पक्ष में बयान नहीं दिए हैं। बताया जा रहा है कि जांच शुरू होने के बाद ही उसने अपने बयान वहां से हटवा दिए थे। धर्मपाल प्रापर्टी डीलिंग का काम करता है।

पूरे गिरोह ऐसी जमीन की तलाश में रहता है, जिससे कोई लंबे समय से देखने नहीं आता था। उसकी फर्जी वसीयत तैयार करा लेते थे। इस वसीयत में भी जसविंदर और विजय शंकर गवाह बने हुए हैं। अब पुलिस तहसील से पूरा रिकाॅर्ड खंगाल रही है।

नजीबाबाद तहसील में जमीनी का बड़ा खेल

नजीबाबाद तहसील में जमीनों का बड़ा खेल है। इसलिए वह अधिकारियों और कर्मचारियों की चहेती तहसील है। यहां पर उत्तराखंड के बार्डर के पास हजारों बीघा जमीन है। बाहर के उद्योगपति, व्यापारी, नेताओं और अन्य प्रभावशाली लोगों की जमीन है। इनमें अधिकांश दिल्ली समेत बाहरी प्रदेशों के हैं। इसलिए भूमाफिया की नजर इस जमीन पर रहती है। चर्चा है कि एक खन्ना परिवार की दो सौ बीघा जमीन भी फर्जी तरीके से हड़्पने का प्रयास किया जा रहा है। जमीनों के इस खेल में गंभीरता से जांच होती है तो तहसील के कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी कार्रवाई के जद में आ सकते हैं।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।