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    बि‍जनौर में कांवड़ मार्ग से 100 मीटर दूर गुलदार दिखने से दहशत, वन रेंज की टीम ने चलाया कांबिंग अभियान 

    By Anuj Kumar Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Thu, 30 Jul 2026 06:28 AM (IST)

    Bijnor News: बिजनौर के नियामतपुर गांव में कांवड़ यात्रा मार्ग से महज 100 मीटर दूर धान के खेत में गुलदार दिखा, जिससे ग्रामीणों और किसानों में दहशत फैल ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    HighLights

    1. बाईपास मार्ग पर स्थित गांव नियामतपुर में दिखा गुलदार।

    2. ग्रामीणों को गुलदार नहीं पकड़े जाने पर हादसे का खतरा।

    संवाद सूत्र, मंडावली (बि‍जनौर)। मोटा महादेव-भागूवाला बाईपास मार्ग पर स्थित ग्राम नियामतपुर के पास धान के खेत में गुलदार दिखाई देने से ग्रामीणों और किसानों में दहशत फैल गई। यह स्थान कांवड़ यात्रा मार्ग से महज 100 मीटर की ही दूरी पर है, जहां से बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर पैदल गुजरते हैं।

    सावन और फाल्गुन मास में लाखों की संख्या में शिवभक्त कांवड़िए हरकी पैड़ी हरिद्वार से गंगाजल लेकर मोटा-महादेव भागूवाला बाईपास से होकर गुजरते हैं। कांवड़ियों के लिए प्रशासन विभिन्न प्रकार से व्यवस्थाएं दुरुस्त करता है, लेकिन अभी क्षेत्र से गुलदार (तेंदुआ) की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।

    बुधवार की सुबह नजीबाबाद निवासी मोहित गुप्ता के सड़क किनारे स्थित खेत में नलकूप के पास धान की फसल के बीच गुलदार (Leopard) घूमता दिखाई दिया। मोहित गुप्ता ने बताया कि वे अपने खेत पर गए थे। इस दौरान उन्हें गुलदार दिखा तो उन्होंने इसकी तस्वीर अपने मोबाइल फोन में कैद कर ली। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते गुलदार को नहीं पकड़ा गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

    ग्राम नियामतपुर निवासी शौकीन सिंह, जयप्रकाश, राजवीर सिंह, ओमपाल सिंह, अनिल कुमार, जितेंद्र सिंह, सुधांशु सहित अन्य ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में तत्काल ही पिंजरा लगवाकर गुलदार को पकड़वाने की मांग की है।

    सूचना पर राजगढ़ वन रेंज की टीम मौके पर पहुंची और खेतों में कांबिंग अभियान चलाया। राजगढ़ के वन क्षेत्राधिकारी देवऋषि सक्सेना ने बताया कि वन विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण कर खेतों में कांबिंग कराई है।
    उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में पिंजरा लगाने की प्रक्रिया की जाएगी। टीम में डिप्टी रेंजर महिपाल सिंह, वन दरोगा योगेश और मेघनाथ सहित अन्य वन कर्मचारी शामिल रहे।

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