पहली बार बिजनौर की महिला टीचर को मिलेगा राज्य शिक्षक पुरस्कार; शिक्षण में अनूठे प्रयास करने वाली रचना की मेहनत लाई रंग
Bijnor News: शिक्षिका रचना कपूर को राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है, जो बिजनौर जिले में पहली बार ...और पढ़ें

राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षिका रचना कपूर बच्चों के साथ।
HighLights
रचना कपूर हल्दौर ब्लाक के गांव नंगली छोईया के स्कूल में कार्यरत।
बच्चों की प्रशासनिक अधिकारियों से उनके कार्यालय में कराती हैं भेंट।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ ही अन्य गतिविधियों में भी पारंगत करने वालीं शिक्षिका रचना कपूर को राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। जिले में पहली बार किसी शिक्षिका को यह पुरस्कार मिलने जा रहा है।
उन्होंने पढ़ाई के साथ साथ बच्चों को अन्य गतिविधियों से भी जोड़ा। डीएम, एसपी कार्यालय भी लेकर गईं और प्रशासनिक कार्यवाही के बारे में बताया। उनकी मेहनत को शासन ने भी माना है। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
रचना कपूर हल्दौर ब्लाक के गांव नंगली छोईया में कार्यरत हैं। जब वे 2014 में स्कूल में आईं थीं तब यहां 42 विद्यार्थी ही पढ़ने आते थे। उन्होंने स्टाफ के साथ मिलकर बच्चों पर मेहनत की। धीरे-धीरे मेहनत का फल भी मिलने लगा। विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ने लगीं। वे बच्चों को अंग्रेजी में निपुण करने लगीं। इसका परिणाम यह हुआ कि बेसिक शिक्षा विभाग के जिलास्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में उनके स्कूल के बच्चों को अंग्रेजी में भाषण देने के लिए बुलाया जाने लगा।
पढ़ाई के साथ ही खेलकूद व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने में भी उनके स्कूल के बच्चे सबसे आगे रहने लगे। वे जिले की इकलौती शिक्षिका हैं जो अपने स्कूल के बच्चों को डीएम, एसपी व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से उनके कार्यालय में जाकर मिलाती हैं। उनकी इस गतिविधि से प्रभावित होकर पूर्व डीएम अंकित अग्रवाल ने उनके स्कूल के विद्यार्थियों को शिवनागर विश्वविद्यालय नोएडा का टूर कराया था।
वर्तमान में रचना कपूर के विद्यालय में 109 बच्चे पढ़ रहे हैं। वे सामाजिक कार्याें में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। बीएसए सचिन कसाना ने बताया कि रचना कपूर ने विद्यार्थियों पर बहुत मेहनत की है। उनकी मेहनत के लिए ही उन्हें राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है।
