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    खेलते-खेलते गले में फंस गई टॉफी, परिवार के सामने ही ढाई साल के मासूम ने तड़प-तड़पकर तोड़ दिया दम

    Updated: Mon, 08 Dec 2025 08:34 AM (IST)

    खेलते समय एक ढाई साल के बच्चे के गले में टॉफी फंस गई, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। यह हृदयविदारक घटना उसके परिवार के सामने हुई। परिवार ने बच्चे को बचाने ...और पढ़ें

    शाफैज का फाइल फोटो

    शाफैज का फाइल फोटो

    HighLights

    1. ढाई साल के बच्चे की दर्दनाक मौत

    2. टॉफी गले में फंसने से हादसा

    3. परिवार के सामने हुई दुखद घटना

    संवाद सूत्र, जागरण बिजनौर। खेलते समय ढाई वर्ष के मासूम के गले में टॉफी जा फंसी। बच्चा स्वजन के सामने तड़प तड़पकर बेहोश हो गया। स्वजन दौड़ते हुए बच्चे को अस्पताल ले गए जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत से स्वजन में कोहराम मच है। स्वजन ने गमगीन माहौल में मासूम को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया।

    थाना नहटौर के गांव चक गोवर्धनपुर निवासी शमशाद का ढाई वर्षीय बेटा शाफैज शनिवार शाम घर में स्वजन के साथ खेल रहा था। उस समय वह टॉफी खा रहा था। खेलते हुए अचानक टॉफी उसके गले में सांस की नली में अटक गई।

    शाफैज को सांस लेने में तकलीफ होने लगी और वह स्वजन के सामने ही तड़पने लगा। स्वजन कुछ कर पाते इससे पहले ही शाफैज बेहोश होकर गिर गया। स्वजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    शाफैज की मौत से स्वजन में कोहराम मच गया। किसी को भी यकीन नहीं हो रहा था कि खेलते हुए बालक अचानक ऐसे टॉफी अटकने से मर गया।

    तो ऐसे बच जाती जान

    गले में सांस लेने की नली आगे और खाना पेट में ले जाने की नली पीछे होती है। बुरा समय होने पर ही खाना सांस की नली के सामने अटक जाता है। शाफैज की टॉफी भी ऐसे ही सांस की नली के आगे जा फंसी।

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    अगर बच्चे के गले में इस तरह कुछ फंस जाए तो उसका सिर नीचे पैर ऊपर करके पीठ पर हाथ से थपकी मारनी चाहिए। इस तरह मुंह मूें फंसी चीज बाहर निकल आती है। किसी बड़े के मुंह में कुछ फंस जाए तो ऊंगली डालकर निकाली जा सकती है।


    खाना या कुछ भी खाते समय बात नहीं करनी चाहिए। इससे किसी के साथ भी सांस लेने की नली के सामने कुछ भी अटक सकता है। बच्चे के साथ ऐसा होने पर उसे उल्टा करके पीठ पर हाथ से थपकी लगानी चाहिए।
                                                             

                                                                                डॉ. राहुल बिश्नोई, वरिष्ठ फिजिशियन