विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कम हुआ चीनी आपूर्त‍ि का दबाव, सरकार ने मि‍लों का बि‍क्री कोटा घटाया; सि‍तंबर-अक्‍टूबर में दि‍या था अत‍िर‍ि‍क्‍त कोटा

By Ajeet Chaudhary Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Mon, 02 Nov 2026 06:20 AM (IST)

केंद्र सरकार ने नवंबर के पहले पखवाड़े के लिए चीनी मिलों का कोटा जारी कर दिया है, बाजार में पर्याप्‍त ...और पढ़ें

प्रतीकात्‍मक फोटो

प्रतीकात्‍मक फोटो

HighLights

  1.  केंद्र सरकार ने नवंबर के पहले पखवाड़े का कोटा फि‍र से घटाकर 1.30 करोड़ क्विंटल कि‍या।

  2. इस माह के पहले पखवाड़े में 41 लाख क्विंटल से अधिक चीनी बेचेंगी UP की मिलें।

जागरण संवाददाता, बिजनौर। सरकार ने त्योहारी सीजन में चीनी के दाम पर काबू पा लिया है। सितंबर और अक्टूबर में केंद्र सरकार द्वारा त्योहारी सीजन में बिक्री के लिए मिलों को चीनी का अतिरिक्त कोटा दिया गया था। दीपावली से पूर्व खपत के हिसाब से बाजार में चीनी पहुंच गई है। चीनी की खपत पूरी होने पर सरकार ने नवंबर के पहले पखवाड़े के लिए कोटा 30 लाख क्विंटल तक कम किया है। 

महाराष्ट्र और गुजरात में मिलें चल चुकी हैं। उत्तर प्रदेश में भी मिलों में पेराई शुरू होने वाली है। अब बाजार में चीनी का दबाव नहीं रहेगा। अगस्त में चीनी के दाम अब तक के शीर्ष पर थे। ब‍िजनौर जिले में भी मिलों से बिकने वाली चीनी के दाम छह हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचे थे।

केंद्र सरकार द्वारा मिलों को बिक्री के लिए हर महीने चीनी का कोटा आवंटित किया जाता है। इस बार अगस्त में इस कोटे को एक माह के बजाए एक पखवाड़ा किया गया। चीनी की खरीद और बिक्री के नियम कड़े किए गए। त्योहारी सीजन में सरकार ने चीनी बिक्री के कोटे को भी 20 प्रतिशत तक बढ़ा दिया।

सितंबर के पहले पखवाड़े में देश का जो चीनी कोटा 1.30 करोड़ क्विंटल था, वह दूसरे में 1.35 करोड़, अक्टूबर के पहले पखवाड़े में 1.40 करोड़ और दूसरे में 1.60 करोड़ क्विंटल कर दिया। अतिरिक्त कोटे से बाजार में चीनी की आमद पूरी हो गई और दाम भी नियंत्रण में आ गए। बाजार में चीनी की खपत पूरी होने के बाद अब नवंबर के पहले पखवाड़े के लिए कोटा फिर से कम किया गया है। नवंबर के पहले पखवाड़े में देश को जारी चीनी का कोटा 1.30 करोड़ क्विंटल किया गया है।

महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश देश के सबसे अधिक गन्ने की पैदावार वाले राज्य हैं। महाराष्ट्र, कर्नाटक के साथ ही गुजरात में भी गन्ना पेराई हो रही है और चीनी बनने लगी है। उत्तर प्रदेश में भी अधिकतर मिलें दस नवंबर तक पेराई शुरू कर देंगी।

आसपास के क्षेत्र में बिजनौर की बरकातपुर मिल ने रविवार को सबसे पहले पेराई शुरू कर दी है। जिले की चीनी मिलों की पेराई क्षमता आठ लाख क्विंटल से अधिक है। अगर इतने गन्ने पर दस प्रतिशत की रिकवरी आए तो हर रोज 80 हजार क्विंटल से अधिक चीनी बन सकती है।

सितंबर पहला पखवाड़ा

  • देश का कोटा, 13000000
  • कर्नाटक, 1774790
  • महाराष्ट्र, 4099640
  • उदत्तर प्रदेश, 4197960

सितंबर दूसरा पखवाड़ा

  • देश का कोटा, 13500000
  • कर्नाटक, 2024730
  • महाराष्ट्र, 4254920
  • उत्तर प्रदेश, 4129280

अक्टूबर का पहला पखवाड़ा

  • देश का कोटा, 14000000
  • कर्नाटक, 2203240
  • महाराष्ट्र, 4390740
  • उत्तर प्रदेश, 417658

अक्टूबर का दूसरा पखवाड़ा

  • देश का कोटा, 16000000
  • कर्नाटक, 2323510
  • महाराष्ट्र, 4762010
  • उत्तर प्रदेश, 4508090

नवंबर का पहला पखवाड़ा

  • देश का कोटा, 13000000
  • कर्नाटक, 2634390
  • महाराष्ट्र, 4777070
  • उत्तर प्रदेश, 4172900

नोट: चीनी कोटा क्विंटल में है।

बरकातपुर चीनी मिल पेराई सत्र का आगाज कर दिया गया है। मिल में पिछले सत्र की चीनी बिलकुल बिक चुकी थी। नए कोटे में मिल द्वारा चालू पेराई सत्र की चीनी बेची जाएगी। बाकी मिलों में भी जल्दी ही पेराई शुरू हो जाएगी। -नरपत सिंह, संयुक्त इकाई अध्यक्ष, बरकातपुर चीनी मिल, बि‍जनौर। 

नोट: इस खबर को अपडेट कि‍या गया हैै। 

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।