किसानों पर दोहरी मार- कोल्डस्टोर में सड़ रही उपज, भाव नहीं मिलने से सड़ रहे किसानों के आलू, लागत निकालना भी मुश्किल
आलू किसानों को पहले ही कम दाम मिले, अब कोल्डस्टोर में रखा आलू भी अंकुरित होकर सड़ रहा है, जिससे उन्हें लाखों का नुकसान हो रहा है। ...और पढ़ें

HighLights
कोल्डस्टोर में रखा आलू अंकुरित होकर सड़ रहा।
किसानों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका।
प्रशासन से जांच और मुआवजे की मांग की।
जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। इस वर्ष आलू की खेती क्षेत्र के किसानों के लिए लगातार घाटे, निराशा और आर्थिक संकट का कारण बनी रही। पहले प्रतिकूल मौसम, बढ़ती उत्पादन लागत और बाजार में उचित मूल्य नहीं मिलने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। अब अंतिम उम्मीद के रूप में कोल्डस्टोर में सुरक्षित रखा गया आलू भी अंकुरित होकर सड़ने और गलने लगा है। इससे किसानों की चिंता और आक्रोश दोनों बढ़ गए हैं।
छतारी के गांव चौढेरा, कीरतपुर, मदनपुर, नगला बंजारा, बदरखा सीरबस, बिकूपुर रामनगर, धौरऊ, अहमदबास, रुसी, सालाबाद, बहलोलपुर, बरकातपुर सहित चौगानपुर सहित आसपास के अधिकांश गांवों में आलू की खेती होती है।
किसानों का कहना है कि बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद में उन्होंने अपनी उपज को कोल्डस्टोर में भंडारित किया था, लेकिन अब वहीं आलू की गुणवत्ता लगातार गिर रही है। कई किसानों के आलू अंकुरित होने, गलने और सड़ने लगे हैं, जिससे उन्हें लाखों रुपये के नुकसान की आशंका सताने लगी है।
किसानों का आरोप है कि इस वर्ष बाजार में आलू की मांग कमजोर रहने के बावजूद कोल्डस्टोर का संचालन समय पर नहीं किया गया। समय पर निकासी नहीं होने और लंबे समय तक भंडारण के कारण आलू की गुणवत्ता प्रभावित हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोल्डस्टोर में तापमान, आर्द्रता (नमी) और वेंटिलेशन का समुचित प्रबंधन नहीं होने और आलू निर्धारित अवधि से अधिक समय तक भंडारित रखा जाएख् तो उसके अंकुरित होने और सड़ने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
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किसानों का कहना है कि इस बार उन्हें खेती से लेकर भंडारण और बिक्री तक हर स्तर पर दोहरी-तिहरी मार झेलनी पड़ी है। पहले खेती की लागत बढ़ी, फिर बाजार में उचित दाम नहीं मिले और अब कोल्डस्टोर में रखा आलू भी खराब होने लगा है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।
किसानों ने प्रशासन से कोल्डस्टोर की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच, खराब हुए आलू का व्यापक सर्वे, नुकसान का सटीक आकलन तथा प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा और राहत उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही आलू की फसल में हुए नुकसान के आधार पर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
बोले किसान
इस बार आलू ने हर मोर्चे पर नुकसान दिया। पहले दाम नहीं मिले और अब कोल्डस्टोर में रखा आलू भी खराब हो रहा है।
-रमेशचंद्र किसान निवासी गांव जिनामई।
उम्मीद थी कि बाद में अच्छे भाव मिलेंगे, लेकिन समय पर निकासी नहीं होने से आलू खराब होने लगा। अब लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है।
-भगवान शंकर, किसान निवासी गांव चौढेरा।
खेती, भंडारण और बिक्री तीनों स्तर पर नुकसान हुआ है। किसान गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। प्रशासन को आर्थिक मदद करनी चाहिए।
-मिस्कीन खान, किसान निवासी गांव त्योर बुजुर्ग।
प्रशासन को कोल्डस्टोर में खराब हो रहे आलू की निष्पक्ष जांच कराकर प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत और मुआवजा दिलाना चाहिए।
-उमेश कुमार, किसान छतारी।