बुलंदशहर में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म मामले में अदालत ने सुनाया फैसला, 3 दोषियों को कठोर कारावास की सजा
बुलंदशहर अदालत ने किशोरी के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के तीन दोषियों को सजा सुनाई है। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। अदालत ने लगभग दो साल चार माह बाद किशोरी को अगवा कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के तीन दोषियों को सजा सुनाई है। अदालत ने दो दोषियों को 20-20 वर्ष के कारावास और 30500-30500 रुपये के अर्थदंड और एक दोषी को दस वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
विशेष पॉक्सो अभियोजक महेश राघव ने बताया कि 22 मार्च 2024 को मुकदमा वादी ने गुलावठी थाने पर अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था कि 20 मार्च 2024 को उसकी 16 वर्षीय पुत्र को गांव का ही एक युवक अगवा कर ले गया।
उसके बाद आरोपित ने अपने साथियों के साथ मिलकर सामूहिक दुष्कर्म किया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर किशोरी को बरामद किया और आरोपित सोनू उर्फ पंखीरा पुत्र मुनि मनोज कुमार निवासी मुहल्ला किशनपुर रामघाट रोड थाना क्वार्सी जिला अलीगढ़ हाल निवासी गांव चिपयाना थाना बिसरख गौतमबुद्धनगर, भीमा कुमार पुत्र लाल सिंह निवासी करियावली, थाना नरसेना हाल निवासी सूर्य लोक कॉलोनी गिरधरपुर रोड छपरौला गौतमबुद्धनगर और आफताब पुत्र शौकीन निवासी बराल थाना गुलावठी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पुलिस ने विवेचना उपरांत 20 जुलाई 2024 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। यह मामला सुनवाई के लिए विशेष पाक्सो कक्षा संख्या प्रथम की अदालत में पहुंचा।
शुक्रवार को न्यायाधीश विनीत चौधरी ने दोष सिद्ध होने पर दोषी आफताब को दस वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा और सोनू पुत्र पंखीरा व भीमा को 20-20 वर्ष के कारावास और 30500-30500 रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।