बुलंदशहर: बारिश में मस्जिद की बाउंड्रीवाल गिरने से परिवार के छह सदस्य मलबे में दबे, तीन की मौत
Bulandshahr News: बुलंदशहर के मूंडाखेड़ा में बरसात के कारण मस्जिद की बाउंड्रीवाल गिरने से टेंट में सो रहे तीन लोगों की मौत हो गई। ...और पढ़ें

खुर्जा के गांव मुंडाखेड़ा में घटनास्थल पर पहुंची एसडीएम प्रतीक्षा पांडे और अन्य अधिकारी l जागरण
HighLights
घायलों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल में कराया भर्ती, शव पोस्टमार्टम को भेजे।
एसडीएम और सीओ समेत अन्य अधिकारियाें ने पहुंचकर की जांच-पड़ताल।
संवाद सहयोगी, खुर्जा (बुलंदशहर)। बरसात के कारण मस्जिद की बाउंड्रीवाल गिर गई। दीवार के निकट टेंट लगाकर रह रहे जंपिंग झूला लगाने वाले परिवार के छह सदस्य मलबे में दब गए। इस घटना में दंपती समेत नौ वर्षीय किशोर की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
गांव मूंडाखेड़ा में मस्जिद के निकट प्राथमिक विद्यालय की खाली जमीन पर पिछले डेढ़ साल से गांव चंदियाना के सलीम परिवार के साथ टेंट लगाकर रह रहे थे। वे जंपिंग झूला लगाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। गुरुवार शाम को सलीम परिवार के पांच सदस्यों के साथ टेंट में सो रहे थे। लगभग साढ़े चार बजे बरसात के दौरान मस्जिद की बाउंड्रीवाल उनके टेंट पर गिर गई, जिससे परिवार के सभी सदस्य मलबे में दब गए। आसपास के ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर मलबे को हटाने का कार्य शुरू किया।
पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए। उन्होंने मलबे में दबे परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला। सभी को पुलिस वाहन और एंबुलेंस की मदद से जटिया अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने 45 वर्षीय सलीम और उनके साढ़ू सूरज के पुत्र नौ वर्षीय बेटे आजाद को मृत घोषित कर दिया।
इसके अलावा सलीम की पत्नी गुलिस्ता, बेटी जैनब, नजरीना और साला रिजवान का उपचार किया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गुलिस्ता और नजरीना को जिला अस्पताल रेफर किया गया। जहां गुलिस्ता ने दम तोड़ दिया। एसडीएम प्रतीक्षा पांडेय, सीओ शोभित कुमार और नायब तहसीलदार समेत राजस्व टीम मौके पर पहुंच गईं।
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चारों ओर मची चीख-पुकार
मूंडाखेड़ा गांव में गुरुवार शाम मस्जिद की बाउंड्रीवाल गिरने से चारों ओर चीख-पुकार मच गई। मलबे में दबे परिवार की आवाजें सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े। देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीण एकत्र हो गए और मदद के लिए आगे बढ़े। ग्रामीणों ने प्रशासनिक सहायता का इंतजार किए बिना खुद ही मलबा हटाना शुरू कर दिया।
उनकी एकजुटता और तड़प ने महज आधे घंटे में मलबा साफ कर दिया। ग्रामीणों ने मलबे में दबे सभी छह लोगों को बाहर निकाला। पुलिस और प्रशासन की टीम के पहुंचने से पहले ही ग्रामीण मलबा हटा चुके थे। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने भी तत्परता दिखाई।
ग्रामीणों और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से चार जिंदगियों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सका, जिससे उनकी जान बच गई। हालांकि, तीन लोगों की मौत से ग्रामीण गमगीन हैं। नदीम, रिजवान, शाहरुख, अख्तर और सुरेशचंद मददगारों में शामिल रहे।
दीवार गिरने से टेंट में रहने वाले तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि तीन घायल हुए हैं। घायलों का बेहतर उपचार कराया जा रहा है।
-शोभित कुमार, सीओ
पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी और स्याना तहसील प्रशासन को भी उनके गांव भेजा गया है।
-प्रतीक्षा पांडेय, एसडीएम