बुलंदशहर में ग्रामीण पर्यटन को लगेंगे पंख, 6 गांवों का हुआ चयन; शहरों के लोग यहां की परंपरा और संस्कृति से होंगे परिचित
Bulandshahr News: बुलंदशहर में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग ने छह गांवों का सर्वेक्षण शुरू किया ...और पढ़ें

AI जेनरेटिड फोटो
HighLights
पर्यटन विभाग ने बुलंदशहर के 6 गांवों का सर्वेक्षण शुरू किया।
ग्रामीण पर्यटन से रोजगार और गांवों का चहुंमुखी विकास होगा।
अमर सिंह राघव, बुलंदशहर। पर्यटन की अपार संभावनाओं को समेटे गंगा की गोद में बसे गांवों में धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन को प्रगति के पंख लगाने के लिए पर्यटन विभाग कदम बढ़ा दिए हैं। पर्यटन विभाग ने जनपद में ग्राम्य पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए छह गांवों का सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। पर्यटन विभाग सर्वेक्षण के बाद पर्यटन विकास की कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजेगा। उसके बाद ही पर्यटन विकास शुरु होगा।
जनपद कृषि प्रधान और धार्मिक स्थलों की बड़ी श्रृंखला के साथ ग्राम्य पर्यटन की अपार संभावनाए समेटे हुए हैं। गंगा तटीय महाभारतकालीन एवं भगवान श्रीकृष्ण के विवाह रस्मों के नाम पर बसे गांवों में से पहले चरण में छह गांवों को गंगे ग्रामीण पर्यटन के तहत पर्यटन विकास के लिए चिन्हित किया गया है।
इन गांवों में उन्नत कृषि, गो-पालन, शिल्पकारी, हथकरघा, हस्तशिल्प, विशिष्ट शुद्ध भोजन, जैव एवं कृषि विविधता आदि के साथ-साथ अपनी समृद्ध ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को संजोने के लिए गांवों का पर्यटन विकास मील का पत्थर साबित होगा। पर्यटन विभाग की टीमों ने अब टूर एंड ट्रेवल्स एजेंसियों के साथ मिल गांवों के पर्यटन विकास को सर्वेक्षण शुरू कर दिया है।
टीम पर्यटन गतिविधियों से जुडे़ सभी हितधारकों के साथ ग्रामीण पर्यटन से संबंधित विषयों पर बातचीत करना शुरू कर दिया है। प्रमुख विषयों के आधार पर सर्वेक्षण कर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। ग्राम्य पर्यटन के माध्यम से आज की युवा पीढ़ी ग्रामीण परंपरा और संस्कृति से परिचित हो सकेगी। पर्यटन क्षेत्र में रोजगार बढ़ेगा और गांवों का चहुंमुखी विकास भी होगा। ग्राम्य पर्यटन विकास से पर्यटन के विश्व पटल गांव चमकने के साथ ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेंगे।
इन गांवों में शुरू हुआ ग्राम्य पर्यटन का सर्वेक्षण
- रूखी भगवानपुर
- मवई-हसनगढ़ी
- कर्णवास
- चाैढ़ेरा
- बेलोन
- रामघाट
इन्होंने कहा...
जनपद के स्याना ब्लाक के रूखी भगवानपुर, ऊंचागांव ब्लाक का मवई-हसनगढ़ी, डिबाई ब्लाक के कर्णवास, रामघाट, बेलोन और पहासू के चौढ़ेरा को ग्राम्य पर्यटन विकास के लिए चयनित किया गया है। इसके उद्देश्य श्रद्धालु और पर्यटकों को आकर्षित करना है। सर्वेक्षण में लोगों से गांव के इतिहास-भूगोल की जानकारी एकत्र की जा रही है। सर्वेक्षण के बाद पर्यटन विकास की कार्ययोजना तैयार कर भेजी जाएगी।
-जितेंद्र कुमार, जिला समन्वयक पर्यटन विभाग
