सर्दियों में विटामिन डी की कमी ने किया परेशान; हड्डियों में दर्द की समस्या बढ़ी, बचाव को यह रखें ध्यान
Vitamin D Deficiency : ठंड के कारण धूप कम निकलने से बुजुर्गों में विटामिन डी की कमी बढ़ गई है। कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज बुलंदशहर में हड्डियों क ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
सर्दी में धूप कम मिलने से विटामिन डी की कमी हुई।
बुजुर्गों में हड्डियों व जोड़ों के दर्द की शिकायतें बढ़ीं।
जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। ठंड के मौसम में धूप कम निकली और अहतियात के लिए बुजुर्ग लोग घर से बाहर कम निकले। इसके चलते बुजुर्ग लोगों के शरीर में विटामिन डी की कमी हो गई है। नतीजतन बुजुर्ग लोगों को हड्डियों का दर्द झेलना पड़ रहा है।
हड्डियों में दर्द की शिकायत लेकर बुजुर्ग लोग कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कालेज में पहुंच रहे हैं। चिकित्सक दवा के साथ ही धूप में बैठने की सलाह भी दे रहे हैं।
कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कालेज के हड्डी रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. गौरव देव शर्मा ने बताया कि सर्दी में बीमार होने के डर से पहले से किसी बीमारी से परेशान लोग और बुजुर्ग लोग घर से कम ही निकलते हैं।
धूप ना मिलने के कारण शरीर में विटामिन डी की हो गई है। बड़ी संख्या में मरीज हड्डियों के दर्द, बदन टूटने और लगातार थकान की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। जांच में सामने आ रहा है कि इन परेशानियों की सबसे बड़ी वजह शरीर में विटामिन डी की कमी है।
मेडिकल कालेज की ओपीडी में रोजाना हड्डी संबंधी समस्या वाले 90 से 10 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। इनमें 50 से अधिक मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें जोड़ों, पीठ और मांसपेशियों में तेज दर्द की शिकायत रहती है।
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मेडिसन विभाग के सीनियर रेजीडेंट डा. रजत ने बताया कि धूप न मिलने से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। दर्द, थकावट, चक्कर आना और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। विटामिन डी की कमी से रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर हो जाती है, जिससे सर्दी, जुकाम और संक्रमण बार-बार होने लगते हैं। कुछ मामलों में चोट या सर्जरी के बाद घाव भरने में भी ज्यादा समय लग रहा है।
चिकित्सक की सलाह से लें सप्लीमेंट और इंजेक्शन
विटामिन डी की कमी दूर करने के लिए डाक्टर आमतौर पर कोलेकैल्सिफेराल (विटामिन डी-3) के सप्लीमेंट्स (कैप्सूल, टैबलेट, ड्राप्स या इंजेक्शन) लिखते हैं, जो शरीर में कैल्शियम के अवशोषण और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
कमी की गंभीरता के आधार पर डाक्टर मैग्नीशियम सप्लीमेंट भी देते हैं और गंभीर मामलों में अधिक खुराक या इंजेक्शन की सलाह देते हैं, इसलिए सही दवा और खुराक के लिए डाक्टर से सलाह लें।
ये हैं लक्षण
- तनाव और उदासी महसूस होना
- बार-बार सर्दी-जुकाम और संक्रमण
- पीठ, घुटनों और जोड़ों में लगातार दर्द
- बिना काम किए भी शरीर में टूटन
- बालों का अधिक झड़ना
- पूरी नींद के बाद भी थकान
ऐसे करें बचाव
- हल्की धूप में कुछ समय जरूर बैठें
- योग और प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल करें
- दूध, दही, अंडा, मशरूम, सलाद और हरी सब्जियां खाएं
- डाक्टर की सलाह से दवा लें