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    पिता चलाते हैं पंचर व चाय की दुकान, बेटी गायत्री ने UP PCS में लहराया परचम

    By Amar Singh Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Mon, 30 Mar 2026 07:57 PM (IST)

    बुलंदशहर के चार अभ्यर्थियों ने यूपी पीसीएस-2024 में शानदार सफलता हासिल की है। गरिमा शर्मा ने 16वीं, प्राची ने 21वीं और हिमांशु शर्मा ने 41वीं रैंक प्र ...और पढ़ें

    बुलंदशहर में गायत्री वर्मा के साथ स्वजन। जागरण

    बुलंदशहर में गायत्री वर्मा के साथ स्वजन। जागरण  

    HighLights

    1. बुलंदशहर के चार अभ्यर्थियों ने यूपी पीसीएस-2024 में पाई सफलता

    2. गरिमा शर्मा 16वीं, प्राची 21वीं, हिमांशु 41वीं व गायत्री की 210 रैंक

    जागरण संवाददाता बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस-2024 के फाइनल परिणाम में जिले की तीन बेटियों और एक बेटे समेत चार अभ्यर्थियों ने सफलता का परचम लहराया है। गरिमा शर्मा ने पहले ही प्रयास में 16वीं रैंक और प्राची ने तीसरे 21वीं रैंक और हिमांशु शर्मा ने 41वीं हासिल कर सफलता पाई है। पंचर लगाने वाले की बेटी गायत्री ने 210वीं रैंक लेकर सफलता पाई है।

    शहर के राधानगर निवासी राजकुमार वर्मा टायर पंचर और चाय की दुकान करते हैं। उनकी बेटी गायत्री वर्मा ने तीसरे प्रयास में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस-2024 के फाइनल परिणाम में 210 वीं रैंक हासिल कर सफलता पाई है। गायत्री वर्मा की सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। राजकुमार वर्मा की बड़ी बेटी गायत्री वर्मा ने पीसीएस-2024 में अपने तीसरे प्रयास में 210वीं रैंक हासिल कर सफलता पाई है।

    गायत्री वर्मा ने बताया कि राजकीय कन्या इंटर कालेज से साल 2015 में हाईस्कूल और महेश्वरा कन्या इंटर कालेज अलीगढ़ से 2017 में इंटरमीडिएट किया था। डा. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय से 2020 में बीएससी की थी।

    2020 से सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी थी। गायत्री तीन भाई-बहन हैं। वह सबसे बड़ी हैं। छोटी बहन गीतांजली वर्मा बीटेक कर सीजीएल की तैयारी कर रही हैं। भाई हिमांशु वर्मा पालिटेक्निक कर रहे हैं। माता राजेश्वरी देवी गृहणी हैं। गायत्री वर्मा ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि एकाग्रता के साथ मेहनत करें। निश्चित सफलता मिलेगी। स्वजन ने गायत्री वर्मा का माला पहना व मिठाई खिलाकर बधाई दी।

    गरिमा शर्मा की पहले ही प्रयास में 16वीं रैंक

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    शहर के राधानगर निवासी राजस्व निरीक्षक मनोज शर्मा की बेटी गरिमा शर्मा ने अपने पहले ही प्रयास में 16वीं रैंक हासिल कर सफलता पाई है। गरिमा शर्मा ने बताया कि उन्होंने रैनेसा स्कूल से 2016 में हाईस्कूल और 2018 में इंटरमीडिएट किया था। दिल्ली यूनिवर्सिटी से साल 2021 बीएससी मैथ आनर्स और साल 2023 में एमएससी किया था।

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    एमएससी करने के बाद से ही वह सिविल सेवा की तैयारी में जुट गई थी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस-2024 के फाइनल परिणाम में पहले ही प्रयास में 16वीं रैंक हासिल की हैं। गरिमा ने बताया कि वह दो भाई- बहन हैं। भाई ग्रेजुएशन कर रहा है। माता रश्मि शर्मा जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापिका हैं।

    गरिमा ने बताया कि उन्होंंने नियमित 10 से 12 घंटे तैयारी की है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजन को दिया है। गरिमा शर्मा ने कहा कि सिलेबस पूरा फोकस रखें। गत वर्ष के प्रश्नपत्रों का रिवीजन जरूर करें। लग्न के साथ मेहनत करें, निश्चित ही सफलता मिलेगी।

    प्राची ने तीसरे प्रयास में पाई 21वीं रैंक

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    यमुनापुरम निवासी प्राची ने अपने तीसरे प्रयास में 21वीं रैंक हासिल कर सफलता पाई है। प्राची ने बताया कि उन्होंने साल 2008 में रोज एकेडमी इंटर कालेज अलीगढ़ से हाईस्कूल और साल 2011 में कुमारी मायावती गल्र्स पालिटेक्निक बादलपुर से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग का तीन वर्षीय डिप्लोमा किया था।

    मराठवाड़ा इंस्टिट्यूट आफ टेक्नोलाजी बुलंदशहर से साल 2014 में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीटेक किया था। साल 2016 में दिल्ली के पंजाब नेशनल बैंक में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर तैनाती पाई थी। साल 2017 में उनकी दिल्ली में शादी हो गई थी।। उनके पति भी दिल्ली स्थित पीएनबी में प्रबंधक के पद पर तैनात हैं। उनकी सात साल एक बेटी है।

    प्राची ने नौकरी के साथ परिवार की देखभाल के साथ सिविल सेवा की तैयारी में लगी रहीं। प्राची ने अपने तीसरे प्रयास में 21वीं हासिल की है। प्राची तीन भाई -बहन हैं। बड़े भाई प्रशांत बेसिक शिक्षा में शिक्षक हैं। जबकि छोटे भाई निशांत सिविल सेवा की तैयारी कर रहे हैं। पिता विनय कुमार यूपी पुलिस में निरीक्षक हैं। जबकि माता किरन माला गृहणी हैं। प्राची ने कहा कि मेहनत के साथ तैयारी में जुटे रहें। निश्चित ही सफलता मिलेगी।

    हिमांशु शर्मा की 41वीं रैंक

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    अनूपशहर के मुहल्ला गंगा द्वार निवासी रिटायर्ड प्रधानाचार्य वीरेंद्र शर्मा के सबसे छोटे बेटे हिमांशु शर्मा ने अपने पहले ही प्रयास में 41वीं रैंक हासिल की है। वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि हिमांशु ने जवाहरलाल नवाेदय विद्यालय बुकलाना से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट किया था। दिल्ली विश्वविद्यालय से बीटेक किया था।

    हिमांशु शर्मा की केंद्रीय सचिवालय में दो साल पहले डिप्टी फील्ड आफिसर के पद पर तैनाती हुई थी। हिमांशु सिविल सेवा की तैयारी में जुटे और अपने पहले प्रयास में 41वीं रैंक हासिल कर सफलता पाई है।

    हिमांशु तीन भाई हैं। हिमांशु सबसे छोटे हैं। बड़े भाई गौरव शर्मा बुलंदशहर के एक कालेज में शिक्षक व भाभी जीडीएवी इंटर कालेज में शिक्षिका हैं। दूसरे भाई सौरभ जहांगीराबाद कालेज तथा उनकी पत्नी शालू भी कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में शिक्षक हैं। हिमांशु ने कामयाबी के पीछे मेहनत, माता-पिता व गुरुजनों को श्रेय दिया। हिमांशु को बधाई देने के लिए लोग घर पहुंच रहे हैं।