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आस्था की अनूठी मिसाल: 67 की उम्र में साइकिल से चार धाम व 12 ज्योतिर्लिंग की यात्रा पर निकले मध्य प्रदेश के नरेंद्र

By Ashwani Bhardwaj Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 11 Oct 2026 05:45 AM (IST)Updated: Sun, 11 Oct 2026 09:36 AM (IST)

Char Dham Yatra: 67 वर्षीय इंदौर निवासी नरेंद्र कसेरा साइकिल से 12 ज्योतिर्लिंग और चार धाम सहित प्रमुख तीर्थस्थलों की ...और पढ़ें

मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी नरेंद्र कसेर का अनूपशहर पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने स्वागत किया।

मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी नरेंद्र कसेर का अनूपशहर पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने स्वागत किया।

HighLights

  1. 67 वर्षीय नरेंद्र कसेरा साइकिल से तीर्थयात्रा पर हैं।

  2. 12 ज्योतिर्लिंग और चार धाम की यात्रा का संकल्प।

संवाद सूत्र, अनूपशहर (बुलंदशहर)। आज के दौर में जहां लोग लंबी दूरी तय करने के लिए मोटर वाहनों पर निर्भर हैं, वहीं 67 वर्षीय नरेंद्र कसेरा साइकिल से 12 ज्योतिर्लिंग, चारधाम और देश के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा पर निकल पड़े हैं। उनकी यह यात्रा आस्था, संकल्प और आत्मविश्वास की मिसाल बन गई है।

मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी नरेंद्र कसेरा अपनी दूसरी अखिल भारतीय साइकिल यात्रा पर निकले हैं। नरेंद्र कसेरा अपनी यात्रा में 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करेंगे। इसके अलावा चार धाम की यात्रा भी करेंगे। नगर में पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने उनका आत्मीय स्वागत किया और यात्रा की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

नरेंद्र कसेरा का कहना है, कि साइकिल उनके लिए केवल यात्रा का साधन नहीं, बल्कि श्रद्धा, आत्मानुशासन और भारतीय संस्कृति के प्रति समर्पण का प्रतीक है।

उनका उद्देश्य लोगों को आस्था, सकारात्मकता और दृढ़ इच्छाशक्ति का संदेश देना है। इस मौके पर ज्ञानेंद्र सिंह राघव, दीपक कुशवाहा, हरीश गर्ग, कपिल शर्मा, सलाम खां, बबलू कुरैशी आदि ने राम नाम का दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया। इससे पहले मार्च 2024 में भी उन्होंने साइकिल से करीब 14 महीने तक देशभर की यात्रा की थी।

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श्रद्धालुओ ने गंगा स्नान कर किया पितरों को तर्पण

अनूपशहर: पितृ अमावस्या पर हजारों श्रद्धालु ने गंगा स्नान कर पूर्वजों की आत्मा शांति की प्रार्थना कर पुरोहितों से विधि विधान से पूजा अर्चना कर पितरों को तर्पण किया।

शनिवार को पितृ अमावस्या पर आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। भोर होते ही गंगा घाट हर-हर गंगे के जयघोष से गुंजायमान हो गए। हजारों श्रद्धालुओं ने मस्तराम घाट, परशुराम घाट, शिव स्वरूप घाट, लाल महादेव घाट तथा गंगा पुल के दोनों ओर बने अस्थायी घाटों पर गंगा में डुबकी लगाकर मां गंगा से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हुए मनौतियां भी मांगीं।

पितृपक्ष की अमावस्या को पूर्वजों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया। यह कार्य करने से पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने तथा उनके निमित्त धार्मिक अनुष्ठान करने से पितरों को तृप्ति और शांति प्राप्त होती है। इसी आस्था के चलते श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर पुरोहितों के माध्यम से अपने पूर्वजों का तर्पण एवं पिंडदान कराया। कर्मकांड संपन्न होने के बाद पुरोहितों को दक्षिणा दी गई। श्रद्धालुओं ने जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और अन्य सामग्री दान कर पुण्य अर्जित किया।

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