शहरों से देहात तक तेजी से बढ़ रही फैटी लिवर के मरीजों की संख्या, बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
Fatty Liver : फैटी लिवर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जो अब युवाओं को भी प्रभावित कर रहे हैं। डाक्टरों का कहना है कि इस बीमारी से बचाव के लिए जीवनशैली ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
डायबिटीज के मरीजों में फैटी लिवर का ज्यादा खतरा।
नियमित व्यायाम और वजन का नियंत्रण सबसे जरूरी।
10 किलो वजन कम करना सबसे प्रभावी बचाव उपाय।
जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। फैटी लिवर (लिवर फाइब्रोसिस) की बीमारी अब केवल बुजुर्गों की नहीं रही। शहर से देहात तक फैटी लिवर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कालेज में इन दिनों ऐसे मरीज इलाज के लिए हर रोज पहुंच रहे हैं।
डाक्टरों के अनुसार फैटी लिवर के प्रमुख लक्षणों (Fatty Liver Symptoms) में पेट की ऊपर दाहिने ओर दर्द, भूख कम होना, आंखों का रंग पीला होना, पैरों में हल्की सूजन, हर वक्त थकान, बार-बार एसिडिटी होना या जी मिचलाना और कमजोरी का एहसास आदि हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।
मेडिकल कालेज के कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. सौरभ शर्मा ने बताया कि रोजाना लगभग 15 से 20 मरीज फैटी लिवर के पहुंच रहे हैं। यानि महीने में 600 मरीज फैटी लिवर (लिवर फाइब्रोसिस) से पीड़ित इलाज के लिए आते हैं। पहले यह दिक्कत बुजुर्गों में दिखाई देती थी, लेकिन यह बीमारी युवाओं में भी ये तेजी से फैल रही है। उन्होंने बताया कि शराब का अत्यधिक सेवन, जंक फूड का अधिक सेवन, देर रात तक जागना, तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी इस समस्या को बढ़ा रहे हैं।
लोग इस बीमारी में अक्सर दवाइयों की ओर भागते हैं, जबकि सबसे जरूरी है शरीर के वजन को नियंत्रित करना। अगर कोई व्यक्ति, जिसे फैटी लिवर है, अपना करीब 10 किलो वजन कम कर लेता है, तो कई मामलों में यह समस्या खत्म हो सकती है। इसलिए दवा से पहले वजन घटाने पर ध्यान देना चाहिए।
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उन्होंने बताया कि फैटी लिवर के शुरुआती लक्षण अक्सर सामने नहीं आते, लेकिन समय के साथ यह गंभीर हो जाता है। इसलिए नियमित जांच और जीवनशैली में सुधार जरूरी है। उन्होंने सलाह दी कि लोग संतुलित आहार लें, रोजाना व्यायाम करें, शराब से दूरी बनाएं और अच्छी नींद लें।
डायबिटीज मरीज रखें खास ध्यान
जिला सर्विलांस अधिकारी डा. रमित सिंह ने बताया कि डायबिटीज के मरीजों में फैटी लिवर का खतरा ज्यादा होता है। वह हमेशा ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखें। मीठा और ज्यादा तले भोजन से परहेज करें। नियमित व्यायाम और वजन का नियंत्रण सबसे जरूरी है।