चंदौली में बढ़ा कुत्तों का आतंक! 28 दिनों में 321 लोगों को काटा, डर के साय में जीने को मजबूर
चंदौली में कुत्तों का आतंक बढ़ गया है, जिससे 28 दिनों में 321 लोग जानवरों के काटने का शिकार हुए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगा रह ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर

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जागरण संवाददाता, चंदौली। विकास क्षेत्र में कुत्तों का आतंक इतना बढ़ गया है कि लोग अब गांव में अकेले निकलने से भी डरने लगे हैं जंगली क्षेत्र होने के साथ-साथ गली के कुत्ते पालतू कुत्ते बिल्ली बंदर एवं सियार काटने के गंभीर मामले विकास क्षेत्र में चल रहे हैं ज्यादा आतंक कुत्तों ने मचा दिया है जिससे 1 फरवरी से 28 फरवरी तक 321 लोगों को कुत्ते और बंदरों ने निशाना बना लिया है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कुत्ता कटे हुए मरीजों को एंटी रेबीज के साथ-साथ टीटी का भी इंजेक्शन लगाया जाता है और चिकित्सक जागरूक भी करते हैं कि कुत्ता बिल्ली सियार के कटे हुए स्थान पर किसी भी प्रकार का दावा नहीं लगाया जाना है और ना हीं झाड़ फूंक कराना है कटे हुए स्थान पर सर्फ साबुन से धोना है फिर भी ग्रामीण झाड़ फूंक के साथ-साथ अंधविश्वास के चलते कुत्ता कटे हुए मरीजों को सात कुओं के पास ले जाते हैं और कुएं में मरीज को 2 मिनट तक झांकने के लिए छोड़ देते हैं उसके बाद कुम्हार के मिट्टी के बर्तन बनाने वाले चाक पर ले जाकर 2 मिनट तक बैठ कर चाक पर हाथ रखवाते हैं और उसके बाद उसकी मिट्टी को ले जाकर मिट्टी में दबा देते हैं।
इस तरह का अंधविश्वास क्षेत्र में कुत्ता बिल्ली के काटने वाले मरीजों के साथ कराया जाता है अधिकांश दूर-दराज गांवों में यह अंधविश्वास तेजी से चल रहा है। हालांकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कुत्ता बिल्ली और सियार के कटे हुए मरीजों को झाड़ फूंक ना करने के लिए जागरूक भी किया जाता है लेकिन ग्रामीण अपनी संतुष्टि के लिए झाड़ फूंक कराते हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चीफ फार्मासिस्ट प्रशांत पाल ने बताया कि एक महीने में अब तक कुल 321 लोगों को एंटी रेबीज लगाया गया है जिसमें गली के कुत्ते द्वारा 233 मरीज पालतू कुत्तों के काटने से 71 मरीज बिल्ली के 6 मरीज और बंदर के 8 मरीजों पर एंटी रैबीज और टीटी का इंजेक्शन लगाया गया एवं सियार के काटने से तीन लोगों को एंटी रैबीज लगाया गया है।
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बताया कि जिसके रोग की प्रतिरोधक क्षमता अगर कमजोर होती है तो उन मरीजों को इंट्रा मस्कुलर डोज दिया जाता है जैसे में कैंसर मरीज टीवी इत्यादि लोगों को एक एंटी रेबीज का जिसमें पांच डोज होता है इन मरीजों को इंट्रा ड्रीमर डोज दिया जाता है।
चिकित्सा अधीक्षक अवधेश पटेल ने बताया कि कुत्ता काटने वाले मरीज और उनके साथ आए हुए अभिभावकों को जागरूक किया जाता है कि एंटी डायबिटीज और टीटी का इंजेक्शन के साथ-साथ कहीं पर भी अंधविश्वास के चलते झाड़ फूंक ना कराएं इसका पूर्णतया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज किया जाता है एवं सभी एनम को भी गांव में पहुंचकर लोगों को जागरूक करने के लिए बताया गया है अंधविश्वास के चलते ग्रामीण झाड़ फूंक ना कराएं।