चंदौली में आपदा राहत सहायता के चार लाख रुपये में से 25 हजार मांग रहा था दलाली, पुलिस ने किया गिरफ्तार
चंदौली में आपदा राहत राशि से 25 हजार रुपये की वसूली मांगने वाले व्यक्ति को ग्राम प्रधान की सूझबूझ से पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी ने खुद क ...और पढ़ें

दलाली मांगने वाले आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
HighLights
आपदा राहत राशि से 25 हजार रुपये की वसूली का प्रयास।
ग्राम प्रधान की मदद से आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में।
चंदौली में चंद्रप्रभा बांध डूबने के पीड़ित परिवार से ठगी।
जागरण संवाददाता, नौगढ़ (चंदौली)। चंद्रप्रभा बांध में डूबकर जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार को मिली चार लाख रुपये की आपदा राहत राशि में से 25 हजार रुपये की कथित वसूली मांगने का मामला सामने आया है। खुद को पहले अधिवक्ता बताकर पीड़ित परिवार पर दबाव बनाने वाले आरोपी को ग्राम प्रधान की सूझबूझ से पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
थाना क्षेत्र के लौवारी गांव निवासी किशन के पिता बुल्लू की 31 मई को चंद्रप्रभा बांध में डूबने से मौत हो गई थी। शासन की ओर से आपदा राहत कोष से मृतक की पत्नी शकुंतला के बैंक खाते में चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता भेजी गई।
आरोप है कि सहायता राशि खाते में पहुंचने के कुछ ही दिन बाद एक व्यक्ति ने मोबाइल पर संपर्क कर खुद को अधिवक्ता धर्मेंद्र बताया और 25 हजार रुपये की मांग करने लगा। कई बार फोन कर उसने पैसा देने का दबाव बनाया और रकम नहीं देने पर कार्रवाई प्रभावित होने जैसी बातें भी कहीं।
परेशान परिवार ने इसकी जानकारी ग्राम प्रधान यशवंत सिंह यादव को दी। प्रधान ने आरोपी को विकास खंड नौगढ़ गेट के पास स्थित एक चाय की दुकान पर बुलाया।
बातचीत के दौरान जब प्रधान ने उससे अधिवक्ता होने का परिचय पत्र मांगा तो वह कथित रूप से अपनी बात से मुकर गया। उसने कहा कि वह आपदा विभाग में अधिकारियों के सहयोग से सहायता राशि की फाइलें जल्दी पास कराता है तथा जिन लोगों के खाते में सहायता राशि पहुंचती है, उनसे कमीशन लेकर अधिकारियों तक पहुंचाया जाता है और उसमें उसे भी हिस्सा मिलता है।
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प्रधान ने जब इस दावे पर कड़ा विरोध जताया तो आरोपी तैश में आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उसने पुलिस और कलेक्ट्रेट में अपनी पहुंच का रौब झाड़ने लगा तो ग्राम प्रधान ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर थाने चली गई। थाने में भी उसका रवैया आक्रामक रहा और फोटो खींचे जाने के दौरान उसने एक दरोगा का हाथ पकड़ने की कोशिश की।
पीड़ित परिवार की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। थाना प्रभारी प्रमोद यादव ने बताया कि मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने अन्य लोगों से भी इसी तरह आपदा राहत के नाम पर वसूली की कोशिश की थी या नहीं।