बिना फार्मर रजिस्ट्री के गेहूं की बिक्री नहीं कर पाएंगे किसान, 11 दिनों में 1890 क्विंटल हुई खरीद
चंदौली में 69 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद शुरू हो गई है, लेकिन अब बिना फार्मर रजिस्ट्री के किसान गेहूं नहीं बेच पाएंगे। अब तक 32 किसानों से 1890 क्विं ...और पढ़ें

बिना फार्मर रजिस्ट्री के गेहूं की बिक्री नहीं कर पाएंगे किसान।

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जागरण संवाददाता, चंदौली। जिले में सरकारी कीमत पर 69 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू कर दी गई। इस बार किसान बिना फार्मर रजिस्ट्री कराए गेहूं की बिक्री नहीं पाएंगे। बीते 11 दिनों में अभी तक 32 किसानों से 1890 क्विंटल खरीद हो चुकी है। खरीद में बोरे की कमी बाधा न बने इसके लिए एक लाख 42 बाेरे की व्यवस्था की गई है।
30 मार्च से ही जिले के क्रय केंद्रों पर तौल की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, जो 15 जून तक जारी रहेगी। गेहूं की बिक्री के लिए अब तक 4918 किसानों ने पंजीकरण करा लिया है। पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष प्रति क्विंटल पर 160 रुपये की वृद्धि के साथ 2585 रुपये समर्थन मूल्य किसानों को मिलेगा।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि शासन के नए निर्देशों के अनुसार, गेहूं की बिक्री के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गई है। यह न केवल गेहूं खरीद के लिए आवश्यक है, बल्कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना का निर्बाध लाभ प्राप्त करने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि किसान किसी भी जनसुविधा केंद्र, साइबर कैफे या मोबाइल ऐप के माध्यम से खाद्य विभाग के पोर्टल fcs.up.gov.in पर अपना पंजीकरण या नवीनीकरण करा सकते हैं।
किसानों की सुविधा के लिए जिले भर में कुल 69 गेहूं खरीद केंद्र खाद्य विभाग के 24 केंद्र, पीसीएफ के 21 केंद्र, पीसीयू के 14 केंद्र, यूपीएसएस के पांच केंद्र, भारतीय खाद्य निगम के चार केंद्र मंडी समिति के एक केंद्र है।
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सत्यापन के लिए नहीं काटने होंगे राजस्व कार्यालय के चक्कर
किसानों को राहत देते हुए विभाग ने स्पष्ट किया है कि पंजीकरण के बाद सत्यापन स्वतः पोर्टल पर प्रदर्शित हो जाएगा। यदि किसी तकनीकी कारण से स्वतः सत्यापन नहीं दिखता है, तो किसान अपनी सत्यापित खतौनी, खसरा, आधार कार्ड और पंजीयन प्रपत्र लेकर सीधे क्रय केंद्र पर जा सकते हैं। वहां केंद्र प्रभारी दस्तावेजों के आधार पर खरीद कर लेंगे। किसानों को सत्यापन के लिए लेखपाल या राजस्व कार्यालय जाने की कोई आवश्यकता नहीं है।
39 हजार किसानों का फार्मर रजिस्ट्री लंबित
कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में कुल दो लाख 56 हजार 990 किसान हैं। इनमें अभी तक दो लाख 17 हजार 208 किसानों का ही फार्मर रजिस्ट्री हो पाया है। 39 हजार 782 किसान ऐसे है जिनका फार्मर रजिस्ट्री नही हुआ है। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार का कहना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर किसानों का फार्मर रजिस्ट्री का काम कराया जा रहा है।