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विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया हुई तेज, 9000 किसानों को भेजे गए नोटिस

Published: Tue, 22 Sep 2026 10:56 AM (IST)

चंदौली में विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण में मुआवजा निर्धारण को लेकर पेच फंस गया है। किसानों की आपत्तियों ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया जारी है।

  2. मुआवजा निर्धारण में सर्किल रेट और रजिस्ट्री का अंतर चुनौती।

  3. 9000 किसानों को नोटिस, 400 से अधिक आपत्तियां दर्ज हुईं।

जागरण संवाददाता, चंदौली। विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही मुआवजा निर्धारण का पेच भी सामने आने लगा है। जिले में करीब नौ हजार किसानों को भूमि अधिग्रहण संबंधी नोटिस दिए जाने के बाद अब आपत्तियां आनी शुरू हो गई है

किसानों की आपत्तियों और भूमि की मौजूदा कीमत को लेकर प्रशासन के सामने मुआवजा तय करने की चुनौती खड़ी हो गई है। अब तक 400 से अधिक आपत्तियों को दर्ज किया गया है। जिला प्रशासन की ओर से सुनवाई करते हुए आपत्तियों को निस्तारित करने का भी दावा किया जा रहा है।

सबसे बड़ी उलझन सर्किल रेट और प्रतिदिन हो रही जमीन की रजिस्ट्री को लेकर है। जमीन के कई हिस्सों में मौजूदा सर्किल रेट से अधिक कीमत पर बैनामे हो रहे हैं। ऐसे में अधिकारियों के सामने यह तय करना मुश्किल हो रहा है कि अधिग्रहित भूमि का मुआवजा किस आधार पर निर्धारित किया जाए। सर्किल रेट को आधार बनाया जाए या हाल में हुई रजिस्ट्री में दर्ज वास्तविक कीमत को, इस पर मंथन चल रहा है।

रेट तय होने के बाद ही मुआवजे की तस्वीर होगी साफ

प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के लिए चंदौली तहसील के 46 और पीडीडीयू नगर तहसील के छह गांवों की भूमि प्रभावित होनी है। किसानों को नोटिस मिलने के बाद भूमि की श्रेणी, क्षेत्रफल और मुआवजे के आधार को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं।

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प्रशासन इन आपत्तियों के निस्तारण के साथ भूमि के मूल्यांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। अधिकारियों के लिए चुनौती यह भी है कि अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान जमीन की रजिस्ट्री लगातार हो रही है। ऐसे में पुराने और नए बैनामों में दर्ज कीमतों का अंतर मुआवजा निर्धारण को और पेचीदा बना रहा है। रेट तय होने के बाद ही किसानों को मिलने वाले मुआवजे की तस्वीर साफ होगी।

किसानों की ओर से 400 आपत्तियां दर्ज की गई थीं। करीब-करीब आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है। जो भी आपत्तियां थीं वह सामान्य तरह की थी, जिसका समाधान कर दिया गया है। मूल्य को लेकर मंथन किया जा रहा है।

                                                              राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी, वित्त एवं राजस्व