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    चित्रकूट में तीन मदरसे मिले अवैध, डीएम समिति की जांच में हुआ खुलासा

    Updated: Thu, 02 Jul 2026 10:45 PM (IST)

    चित्रकूट में जिलाधिकारी द्वारा गठित समिति की जांच में तीन मदरसे बिना मान्यता के संचालित पाए गए हैं। इनकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है, जबकि मान्यता प् ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. डीएम समिति ने चित्रकूट में तीन अवैध मदरसे खोजे।

    2. पुरानी बाजार में दो, इटौरा-कपना में एक मदरसा मिला।

    3. मान्यता प्राप्त मदरसों की निगरानी भी अब बढ़ाई गई।

    जागरण संवाददाता, चित्रकूट। जिले में बिना मान्यता के संचालित तीन मदरसों का मामला प्रशासनिक जांच में सामने आया है। जिलाधिकारी की ओर से गठित तीन सदस्यीय समिति ने जांच में पाया कि जिला मुख्यालय की पुरानी बाजार में दो तथा इटौरा मजरा कपना में एक मदरसा बिना मान्यता के संचालित हो रहा था। जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। प्रदेश सरकार द्वारा मदरसों की कार्यप्रणाली की जांच तेज किए जाने के बीच यह मामला सामने आया है।


    एक साल पूर्व तीन सदस्यीय समिति ने जांच के दौरान पाया कि पुरानी बाजार कर्वी स्थित मदरसा मिसबाहुल उलूम और मदरसा इस्लाहुल मुस्लिमीन तथा इटौरा मजरा कपना स्थित मदरसा निजामिया बिना मान्यता के संचालित हो रहे थे। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी के माध्यम से निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण उत्तर प्रदेश, लखनऊ को भेज दी गई थी। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महेंद्र नाथ प्रताप ने बताया कि जांच समिति की अध्यक्षता तत्कालीन सदर एसडीएम सौरभ यादव ने की थी।

    समिति में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीके शर्मा और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भी शामिल थे। जांच में मदरसा मिसबाहुल उलूम में 44, मदरसा इस्लाहुल मुस्लिमीन में 16 तथा मदरसा निजामिया में 20 विद्यार्थियों का पंजीकरण मिला। प्रदेश सरकार द्वारा मदरसों की कार्यप्रणाली और बाहरी वित्तीय स्रोतों की शिकायतों के बाद जांच की गई थी। पहले एसआईटी और बाद में एटीएस स्तर पर जांच के निर्देश आए थे।


    जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि जिले में मदरसा इस्लामिया स्कूल मादरे वतन (मऊ), मदरसा दारुल उलूम महमूबिया (बरगढ़), मदरसा गुलशन-ए-मंसूर इस्लामिया (रामनगर) तथा मदरसा बीबी नूरिया बेगम अरबिया अहलेसुन्नत (आनंदपुर रगौली) मान्यता प्राप्त संस्थान हैं। इनकी समय-समय पर विभागीय जांच कराई जाती है। उन्होंने बताया कि मऊ को छोड़कर अन्य तीन मान्यता प्राप्त मदरसों में छात्र संख्या कम होने पर प्रबंधन को नोटिस भी जारी किए गए हैं।

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