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    अब ड्रोन से होगी चित्रकूट की निगरानी, हर मकान और जमीन का बनेगा डिजिटल पहचान पत्र

    Updated: Fri, 29 May 2026 04:43 PM (IST)

    चित्रकूट में अब हर संपत्ति की डिजिटल पहचान होगी, जिससे जमीन विवाद और फर्जीवाड़े खत्म होंगे। ड्रोन सर्वे के बाद यूआरप्रो कार्ड जारी होंगे, जो संपत्ति क ...और पढ़ें

    इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

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    जागरण संवाददाता, चित्रकूट। अब शहर की हर जमीन, हर मकान और हर संपत्ति की अलग डिजिटल पहचान होगी। वर्षों से जमीनी विवाद, गलत अभिलेख, फर्जी बैनामे और सीमांकन की समस्याओं से जूझ रहे लोगों को राहत देने के लिए नगर पालिका परिषद चित्रकूट धाम कर्वी में बड़े स्तर पर डिजिटल सर्वे शुरू हो गया है। अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक से पूरे नगर की मैपिंग कर “यूआरप्रो कार्ड” तैयार किए जाएंगे, जिनमें संबंधित व्यक्ति की संपत्ति का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड दर्ज रहेगा।

    नगर प्रशासन इस योजना को शहर की सबसे महत्वपूर्ण डिजिटल परियोजनाओं में मान रहा है। अधिकारियों का दावा है कि योजना लागू होने के बाद जमीन और मकान से जुड़े विवादों में भारी कमी आएगी। साथ ही नगर पालिका टैक्स, नामांतरण, खरीद-फरोख्त और सरकारी योजनाओं के सत्यापन में भी पारदर्शिता बढ़ेगी।

    यह कार्य “नक्शा परियोजन ” (शहरी बस्तियों का राष्ट्रीय भू- स्थानिक ज्ञान -आधारित भूमि सर्वेक्षण ) के तहत कराया जा रहा है। वहीं, यूआरप्रो कार्ड का पूरा नाम “अर्बन रिकॉर्ड प्रॉपर्टी कार्ड ”है। उत्तर प्रदेश के चयनित 10 नगर निकायों में चित्रकूट नगर पालिका परिषद को भी शामिल किया गया है। योजना से नगर के 25 वार्डों में रहने वाले करीब सवा लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

    ऐसे चलेगा पूरा अभियान

    योजना को तीन चरणों में लागू किया जा रहा है। पहले चरण में ड्रोन कैमरों के माध्यम से पूरे नगर क्षेत्र का हाई-रेजोल्यूशन सर्वे कराया जा रहा है। ड्रोन से मकानों, गलियों, सड़कों, खाली भूमि और व्यावसायिक परिसरों की सटीक मैपिंग की जा रही है। जिसे पूरा कर लिया गया है।

    दूसरे चरण में 14 विशेष टीमें वार्डों में उतरेंगी। इन टीमों में लेखपाल, नगर पालिका कर्मचारी और दो आईटीआई प्रशिक्षित कर्मी शामिल किए गए हैं। टीमें घर-घर जाकर संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन करेंगी और मौके की स्थिति का मिलान करेंगी।

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    तीसरे चरण में दावा और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। यदि किसी संपत्ति के विवरण में गलती पाई जाती है तो संबंधित व्यक्ति निर्धारित समय के भीतर आपत्ति दर्ज करा सकेगा। आपत्तियों के निस्तारण के लगभग एक माह बाद यूआरप्रो कार्ड जारी किए जाएंगे।

    कार्ड में दर्ज होगा संपत्ति का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड

    यूआरप्रो कार्ड में संपत्ति मालिक का नाम, संपत्ति का क्षेत्रफल, नक्शा, लोकेशन, कर विवरण और अन्य आवश्यक रिकॉर्ड डिजिटल रूप में दर्ज रहेगा। भविष्य में यह कार्ड संपत्ति की खरीद-फरोख्त, बैंक ऋण, नगर पालिका कर जमा करने और सरकारी योजनाओं में प्रमाण के रूप में उपयोगी साबित हो सकता है।

    नगर क्षेत्र में कई स्थानों पर पुराने रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में अंतर होने के कारण विवाद बढ़ते रहे हैं। कई मामलों में एक ही जमीन पर दो-दो दावे तक सामने आए। ऐसे मामलों को रोकने के लिए अब तकनीक आधारित रिकॉर्ड प्रणाली तैयार की जा रही है।


    यूआरप्रो कार्ड योजना नगर की बड़ी डिजिटल पहल है। ड्रोन सर्वे के माध्यम से संपत्तियों की सटीक मैपिंग कराई जा रही है। इससे भविष्य में जमीनी विवाद कम होंगे और लोगों को संपत्ति संबंधी कार्यों में आसानी मिलेगी। -लाल जी यादव अधिशासी अधिकारी