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    ई-संजीवनी बनी वरदान, ग्रामीणों को वीडियो कॉल पर मिल रहा विशेषज्ञ डॉक्टरों का परामर्श

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 04:09 PM (IST)

    ई-संजीवनी सेवा के माध्यम से चित्रकूट में मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श मिल रहा है, जिससे शुगर और बीपी जैसी बीमारियों का सफल इलाज हो रहा है। ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक तस्वीर।

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    जागरण संवाददाता, चित्रकूट। शुगर (डायबटीज) से परेशान इटवां निवासी सुमन देवी का इलाज प्रयागराज में चल रहा था। उनके डायबटीज का लेबल 400 से अधिक था। गांव के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (एचडब्ल्यूसी) में ई-संजीवनी सेवा के जरिए विशेषज्ञ चिकित्सक से वीडियो काल पर परामर्श कराया गया।

    जांच रिपोर्ट और बीमारी का पूरा विवरण ऑनलाइन भेजा गया, जिसके आधार पर चिकित्सक ने दवा लेने और परहेज की सलाह दी। मरीज को वहीं दवाएं उपलब्ध करा दी गईं और अब उनकी हालत में सुधार है। यहीं की 65 वर्षीय सावित्री उच्च रक्ताचाप और मधुमेह (डायबटीज) से दिक्कत थी।

    डायबटीज लेबल अधिक होने से उनके आंख की सर्जरी नहीं हो पा रही थी। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में ई संजीवनी के जरिए इलाज हुआ और बीपी और डायबटीज सामान्य होने पर आंख की सर्जरी संभव हुई।

    जिले के 100 से अधिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर ई-संजीवनी सेवा के माध्यम से 25 विशेषज्ञ चिकित्सकों से मरीजों को परामर्श मिल रहा है।

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    चिकित्सकों का पैनल

    ई संजीवनी के नोडल अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल के डा कार्तिकेय सिंह, डा रुचि जवरिया, डा शिखा अग्रवाल, सीएचसी, पीएचसी के 17 और नगरीय अर्बन पोस्ट के पांच सहित कुल 25 चिकित्सकों की टीम है। हेल्थ एंड वेलनेश सेंटर में सीएचओ इन्हीं चिकित्सकों को वीडीओ काल से संपर्क कर मरीजों का इलाज कर रही हैं।

    जून में ई संजीवनी से 13 हजार मरीजों का इलाज किया गया। एक वर्ष में डेढ़ लाख से अधिक मरीज इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं। इससे गंभीर और सामान्य दोनों तरह की बीमारियों का समय पर उपचार संभव हो रहा है और मरीजों को दूर-दराज के अस्पतालों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है।

    डॉ. महेंद्र कुमार त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधिकारी चित्रकूट

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