Chitrakoot Flood: शरभंग, कालीबराह और अमरावती के उफान से तुलसी जल प्रपात क्षेत्र में मचाई तबाही, स्काई ग्लास ब्रिज सुरक्षित
लगातार बारिश से उफनाई त्रिवेणी नदी ने रानीपुर टाइगर रिजर्व के तुलसी जलप्रपात क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है, जिससे ...और पढ़ें

तुलसी जलप्रपात के आसपास उखड़ी रेलिंग। वीडियो ग्रैब
HighLights
त्रिवेणी नदी के उफान से तुलसी जलप्रपात क्षेत्र में तबाही
रेलिंग, सीसी सड़क और बैठक स्थल पानी में बहे
स्काई ग्लास ब्रिज सुरक्षित, पर्यटकों का प्रवेश पूरी तरह बंद
संवाद सहयोगी, मानिकपुर (चित्रकूट)। लगातार बारिश के बाद उफनाई त्रिवेणी नदी ने रानीपुर टाइगर रिजर्व के प्रसिद्ध तुलसी जलप्रपात का भूगोल ही बदल दिया। शरभंग, कालीबराह और अमरावती नदियों के तेज बहाव ने जलप्रपात क्षेत्र में ऐसी तबाही मचाई कि पर्यटकों की सुविधा के लिए बनाई गई रेलिंग, सीसी सड़क और बैठक स्थल पानी के तेज वेग में बह गए।
पानी उतरने के बाद सामने आया मंजर इस पर्यटन स्थल पर आई बाढ़ की भयावहता बयां कर रहा है। कई चट्टानें भी खिसक गई हैं, जिससे अब यहां पर्यटकों के लिए हादसे का खतरा बढ़ गया है।
तुलसी जलप्रपात रविवार को भी पूरे वेग से बहता रहा। तेज बहाव के कारण आसपास का प्राकृतिक स्वरूप भी बदल गया है। हालांकि जलप्रपात के पास बना प्रदेश का पहला स्काई ग्लास ब्रिज सुरक्षित है, लेकिन उसके आसपास का सुरक्षा ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।
रानीपुर टाइगर रिजर्व के मारकुंडी वन क्षेत्राधिकारी ब्रजेंद्र प्रताप सिंह ने खतरे को देखते हुए जलप्रपात क्षेत्र में पर्यटकों का प्रवेश पूरी तरह बंद करा दिया है। उन्होंने बताया कि जलप्रवाह सामान्य होने के बाद क्षतिग्रस्त रेलिंग, रास्ते और अन्य सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त किए जाएंगे। इसके बाद ही पर्यटकों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। वन विभाग ने लोगों से जलप्रपात क्षेत्र में जाने से बचने की अपील की है।
72 घंटे से रामघाट सहित गोबरिया गांव में अंधेरा
मंदाकिनी की बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी रामघाट सहित गोबरिया गांव के लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। बाढ़ के दौरान शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे बिजली आपूर्ति ठप हुई थी, लेकिन 72 घंटे बीतने के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। बिजली का पोल टूटने के कारण गोबिरिया गांव में अंधेरा छाया है और करीब 1800 की आबादी प्रभावित है। विद्युत आपूर्ति ठप होने का सीधा असर पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है। बिजली से संचालित पंप न चलने के कारण लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। बाढ़ के बाद घरों और आसपास जमा गंदगी के बीच बिजली-पानी का संकट ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ा रहा है। ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त पोल को जल्द दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है।
