Chitrakoot Floods: चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने मचाई तबाही, कैसे शांत रामघाट की शोभा ने दिखाया रौद्र रूप, कहां से आया उफान?
सतना में सामान्य से अधिक बारिश के कारण चित्रकूट की मंदाकिनी नदी में भीषण बाढ़ आई, जिसने 23 साल का ...और पढ़ें
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मंदाकिनी की बाढ़ का पानी चित्रकूट-सतना मार्ग पर भरा। प्रशासन
HighLights
सतना में अत्यधिक बारिश से मंदाकिनी नदी में भीषण बाढ़
चित्रकूट में मंदाकिनी ने 23 साल का बाढ़ रिकॉर्ड तोड़ा
नदी किनारे निर्माण से बाढ़ का वेग व तबाही बढ़ी
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। मंदाकिनी सामान्य दिनों में सती अनुसुइया आश्रम से निकलकर जंगलों के बीच कल-कल बहती हुई रामघाट तक पहुंचती है। यहां से शांत रूप में 55 किलोमीटर का सफर कर राजापुर में यमुना में समाहित हो जाती है, लेकिन बारिश में यही शांत नदी रौद्र रूप धारण कर लेती है।
इसके पीछे करीब 300 वर्ग किलोमीटर का विशाल कैचमेंट क्षेत्र है, जहां उत्तर प्रदेश के साथ मध्य प्रदेश में हुई बारिश का पानी 15 छोटे-बड़े नालों और बरसाती नदियों के जरिए मंदाकिनी में पहुंचता है। तीन दशक पहले नदी का किनारा काफी हद तक खाली था, लेकिन अब करीब पांच किलोमीटर लंबे घाट, होटल-दुकानें और अन्य निर्माण हो चुके हैं। बाढ़ के समय नदी के फैलाव की जगह सीमित हो गई है उसका वेग बढ़ जाता है और तबाही होती है।
जानें मंदाकिनी नदी के बारे में पूरे तथ्य
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| उद्गम | मध्यप्रदेश के सतना/चित्रकूट क्षेत्र के सती अनुसुइया आश्रम से जुड़ा विंध्य अंचल |
| प्रवाह क्षेत्र | सती अनुसुइया आश्रम से रामघाट, कर्वी होते हुए राजापुर में यमुना नदी के संगम तक |
| पहचान | सती अनुसुइया आश्रम, टाठी घाट, स्फटिक शिला, जानकीकुंड और रामघाट आदि धार्मिक स्थल |
| धार्मिक महत्व | सती अनुसुइया के तप से प्रकट और भगवान राम के वनवास काल से जुड़ी पवित्र नदी |
| कैचमेंट क्षेत्र | मारकुंडी से मझगंवा तक यूपी-एमपी का करीब 300 वर्ग किमी क्षेत्र |
| उद्गम क्षेत्र से जुड़ी नदियां-नाले | झुरी नदी, अमरावती, काली बराह, शरभंग सहित 15 छोटे-बड़े नाले |
| रामघाट के बाद | वाल्मीकि, गेडुआ, ओहन, पिपरावल सहित 17 नदी व बरसाती नाले |
| सामान्य जलस्तर | रामघाट गेज पर 123.500 मीटर |
| खतरे का निशान | रामघाट गेज पर 126.500 मीटर |
| 2003 की बाढ़ | मंदाकिनी का जलस्तर 134.500 मीटर तक पहुंचा था |
| 2026 की भीषण बाढ़ | जलस्तर 135.200 मीटर तक पहुंचा |
| बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र | रामघाट, मठ-मंदिर, दुकानें, बस्तियां और नदी किनारे बसे गांव प्रभावित होते हैं |
सतना में अधिक बारिश से आया उफान
मध्यप्रदेश के सीमावर्ती सतना जिले में इस बार सामान्य से अधिक बारिश का असर मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ के रूप में सामने आया। एक जून से 30 अगस्त तक सतना में 1019.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत वर्षा 891.7 मिलीमीटर है। यानी सामान्य से करीब 128 मिलीमीटर अधिक बारिश हो चुकी है। पिछले वर्ष इसी अवधि में जिले में 860.3 मिलीमीटर वर्षा हुई थी। लगातार बारिश से सतना के पहाड़ी और जलग्रहण क्षेत्रों का पानी नदी-नालों के जरिये मंदाकिनी में पहुंचा। इससे नदी उफान पर आई और चित्रकूट में 23 साल का बाढ़ का रिकार्ड टूट गया।
