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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chitrakoot: विधवा भाभी से दुष्कर्म करने वाले देवर को 10 वर्ष की जेल, पत‍ि की हादसे में मौत के बाद

By Jagran NewsEdited By: Vinay Saxena
Updated: Mon, 21 Aug 2023 08:07 PM (IST)

यूपी के च‍ित्रकूट में कोर्ट ने विधवा भाभी से दुष्कर्म करने वाले देवर को 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने बताया क ...और पढ़ें

पीड़िता ने न्यायालय की मदद से देवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
पीड़िता ने न्यायालय की मदद से देवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

चित्रकूट, जागरण संवाददाता। विधवा भाभी से दुष्कर्म करने वाले देवर को न्यायालय ने दोषी ठहराया है और 10 वर्ष सश्रम कारावास व 11 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह निर्णय जिला जज विष्णु कुमार शर्मा ने सुनाया है। पीड़िता ने न्यायालय की मदद से देवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

कोर्ट के आदेश पर दर्ज की गई थी र‍िपोर्ट     

जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्याम सुंदर मिश्रा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर 18 अक्टूबर 2022 को भरतकूप थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। तहरीर के मुताबिक, पीड़िता की शादी घटना के आठ साल पहले हुई थी। उसके एक बेटा भी हुआ था। मार्च 2021 में पति की सड़क हादसे में मौत हो गई थी।

लगभग छह माह बाद उसका देवर घर में अकेले जानकर शराब के नशे में आया और जबरन दुष्कर्म किया। इसकी शिकायत उसने सास-ससुर से की, लेकिन उन्होंने घर की बात होने का हवाला देकर दबा दिया। दूसरे दिन फिर से देवर ने दुष्कर्म किया। इस पर उसने परिवारीजन और पड़ोसियों को जानकारी दी। इलाकाई पुलिस के पास दिवयापुर जाकर भी सूचित किया, फिर किसी ने नहीं सुना।

दुष्‍कर्म के बाद जान से मारने की दी धमकी 

देवर ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। यहां से वह अपने चचिया ससुर के घर गई और फोन से पूरे मामले की जानकारी अपनी मां का दी। उसकी मां उसे मायके ले आई। 16 जुलाई 2022 को उसका देवर दोपहर के समय ससुराल ले जाने के नाम पर आया और उसे अकेले पाकर जबरन दुष्कर्म किया। साथ ही शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसकी सूचना उसने भरतकूप थाने में दी, लेकि‍न फिर कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके चलते उसने न्यायालय में धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।

सत्र न्यायाधीश विष्णु कुमार शर्मा ने सोमवार को बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद निर्णय सुनाया। आरोपित देवर को दोष सिद्ध पाया।