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    चित्रकूट की बिजली व्यवस्था चरमराई, मुख्यालय से गांव तक छाया अंधेरा; आंधी से 24 उपकेंद्र ठप

    Updated: Fri, 29 May 2026 05:00 PM (IST)

    चित्रकूट जिले में गुरुवार देर रात आई तेज आंधी और बारिश से बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जिससे मुख्यालय से लेकर गांव तक अंधेरे में डूब गए। जिले के ...और पढ़ें

    इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

    इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

    HighLights

    1. तेज आंधी-बारिश से चित्रकूट की बिजली व्यवस्था चरमराई।

    2. जिले के सभी 24 विद्युत उपकेंद्र पूरी तरह ठप हुए।

    3. बिजली गुल होने से कई इलाकों में पेयजल संकट।

    जागरण संवाददाता, चित्रकूट। गुरुवार देर रात आई तेज आंधी और बारिश ने जिले की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा दी। मुख्यालय से लेकर गांव तक लोग पूरी रात अंधेरे में डूबे रहे। तेज हवाओं में बिजली के खंभे और तार टूटने से जिले के सभी 24 उपकेंद्र प्रभावित हो गए। हालात यह रहे कि बिजली गुल होने से पेयजल संकट भी गहरा गया और कई इलाकों में लोगों को पानी तक के लिए परेशान होना पड़ा।

    बनकट पावर हाउस के सामने एक टिनशेड उड़कर विद्युत लाइन पर गिर गया, जिससे 33 हजार और 11 हजार केवी लाइन में ब्लास्ट हो गया। किसी तरह शुक्रवार सुबह 33 हजार लाइन बहाल कर दी गई, लेकिन 11 हजार लाइन दोपहर तक दुरुस्त हो सकी। इसके चलते मुख्यालय के द्वारिकापुरी, भैरोंपागा, जगदीशगंज, बस स्टैंड, गांधीगंज और नया बाजार समेत कई मोहल्लों में बिजली आपूर्ति बाधित रही।

    12 उपकेंद्रों की आपूर्ति बहाल

    विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता आरके यादव ने बताया कि आंधी-पानी में एलटी और एचटी लाइन के करीब 120 खंभे टूट गए, जिनमें 50 खंभे 11 और 33 हजार केवी लाइन के हैं। शुक्रवार दोपहर तक 12 उपकेंद्रों की आपूर्ति बहाल कर दी गई थी, जबकि बाकी क्षेत्रों में शाम तक सप्लाई सामान्य करने का प्रयास जारी रहा।

    आंधी के बाद महज 12 घंटे में हेल्पलाइन नंबर 1912 पर 300 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं। सबसे अधिक शिकायतें रानीपुर भट्ट, पहाड़ी, मानिकपुर और लोढ़वारा क्षेत्रों से मिलीं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार रानीपुर भट्ट से 70, मानिकपुर से 18, पहाड़ी से 16, मऊ से 11, गनीवा व बोडीपोखरी से 10-10 शिकायतें दर्ज हुईं।

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    स्थिति इतनी खराब रही कि अधीक्षण अभियंता कार्यालय में भी घंटों बिजली नहीं रही। इससे आनलाइन कार्य पूरी तरह ठप हो गए। बड़े बाबू विजय सिंह ने बताया कि दोपहर बाद करीब तीन बजे कार्यालय की बिजली बहाल हो सकी। विभागीय टीमें रात से ही टूटे खंभों और तारों को दुरुस्त करने में जुटी रहीं। कई स्थानों पर पेड़ गिरने और रास्ते बंद होने से मरम्मत कार्य में कर्मचारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।