देवरिया में हाईवे निर्माण कंपनी पर बकाया, भुगतान को लेकर जोरदार हंगामा
देवरिया के सलेमपुर में एक हाईवे निर्माण कंपनी के कैंप पर बकाया भुगतान को लेकर प्रदर्शनकारियों ने हंगामा किया। पुलिस हस्तक्षेप के बाद कंपनी ने पांच दिन ...और पढ़ें

हाईवे निर्माण कंपनी के कैंप पर बकाया भुगतान की मांग को लेकर पहुंचे ट्रैक्टर चालक व ईंट उद्योग के कर्मचारी। जागरण
HighLights
सलेमपुर में हाईवे कंपनी के कैंप पर प्रदर्शन।
बकाया भुगतान को लेकर हुआ तीखा हंगामा।
पुलिस हस्तक्षेप से 5 दिन में भुगतान का आश्वासन।
संवाद सूत्र, सलेमपुर, (देवरिया)। बाइपास हाईवे निर्माण कार्य से जुड़ी एक कंपनी के कैंप पर शनिवार को बकाया भुगतान की मांग को लेकर 10 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ पहुंचे लोगों ने हंगामा किया। इस दौरान कंपनी के बाउंसरों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराकर वार्ता कराई, जिसके बाद पांच दिनों के भीतर भुगतान किए जाने के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
जानकारी के अनुसार, बीबीएस ईंट उद्योग द्वारा हाईवे निर्माण कंपनी को करीब 98,900 रुपये मूल्य की ईंटें आपूर्ति की गई थीं। आरोप है कि काफी समय बीत जाने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया। ईंट उद्योग के संचालक विकास सिंह ने बताया कि कई बार कंपनी के जिम्मेदारों से संपर्क किया गया, लेकिन हर बार आश्वासन देकर मामला टाल दिया गया।
भुगतान नहीं मिलने से नाराज ईंट उद्योग के कर्मचारी और ट्रैक्टर चालक शनिवार दोपहर दो दर्जन से अधिक ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ मझौलीराज क्षेत्र के बनवा टोला स्थित निर्माण कंपनी के प्लांट पर पहुंच गए। लोगों ने कैंप के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी। इसी दौरान एक अन्य फर्म पार्थ इंटरप्राइजेज से जुड़े कुछ लोग भी वहां पहुंच गए और उन्होंने भी अपने बकाया भुगतान की मांग उठाई।
स्थिति तनावपूर्ण होते देख कंपनी के बाउंसरों ने प्रदर्शनकारियों को परिसर में प्रवेश करने से रोकने का प्रयास किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। मामले की सूचना मिलने पर मझौली चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और कुछ प्रतिनिधियों को लेकर कंपनी कार्यालय में वार्ता कराई।
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करीब एक घंटे चली बातचीत के बाद कंपनी प्रबंधन ने बीबीएस ईंट उद्योग का बकाया भुगतान पांच दिनों के भीतर करने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। हालांकि पार्थ इंटरप्राइजेज के भुगतान संबंधी मामले में कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी।
कंपनी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अभिषेक ने बताया कि संबंधित सामग्री कंपनी के एक अन्य कर्मचारी के माध्यम से मंगाई गई थी। सभी पक्षों से लिखित आवेदन प्राप्त हो गया है। आवश्यक स्वीकृति मिलने के बाद पांच दिनों के भीतर भुगतान संबंधित खातों में भेज दिया जाएगा।