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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Deoria Lok Sabha Chunav Result 2024: देवरिया में भाजपा ने लहराया जीत का परचम, यहां पढ़ें पल-पल की अपडेट

    Updated: Tue, 04 Jun 2024 07:02 PM (IST)

    देवरिया का इतिहास काफी पुराना है। माना जाता है कि देवरिया नाम की उत्पत्ति ‘देवारण्य’ या ‘देवपुरिया’ से हुई थी। आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार ‘देवरिया’ ...और पढ़ें

    देवरिया लोकसभा सीट चुनाव परिणाम 2024। जागरण
    देवरिया लोकसभा सीट चुनाव परिणाम 2024। जागरण

     डिजिटल डेस्क, गोरखपुर। Deoria lok sabha chunav Result 2024:  देवरिया संसदीय सीट पर भाजपा के शशांक मणि, आइएनडीआइ गठबंधन के कांग्रेस प्रत्याशी अखिलेश प्रताप सिंह व बसपा के संदेश यादव ने जीत के लिए पूरा जोर लगाया है। बड़े नेताओं ने भी माहौल बनाने का प्रयास किया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी व सपा मुखिया अखिलेश यादव की जोड़ी ने भाजपा पर खूब तीर छोड़े।

    देवरिया लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने बैतालपुर बरपार के रहने वाले समाजसेवी शशांक मणि त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाकर उस विरोध को समाप्त कर दिया है, जो पिछले दो चुनाव के दौरान देवरिया में बाहरी प्रत्याशी को लेकर उपजा था।

    शशांक मणि पूर्व सांसद और पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी के बेटे हैं। कांग्रेस ने पूर्व विधायक अखिलेश सिंह को मैदान में उतारा है। दोनों प्रत्याशी पहली बार आमने सामने आए हैं। बहुजन समाज पार्टी ने संदेश यादव को प्रत्याशी बनाकर गठबंधन के यादव वोट बैंक में सेंधमारी का प्रयास किया है। शशांक मणि ने 34842 मतों से कांग्रेस को हरा दिया है।

    देवरिया लोकसभा सीट का परिणाम

    भाजपा शशांक मणि- 504541 (+ 34842)

    कांग्रेस अखिलेश प्रताप सिंह- 469699 ( -34842)

    शाम साढ़े चार बजे तक देवरिया लोकसभा सीट

    भाजपा शशांक मणि- 494984 (+ 33979)

    कांग्रेस अखिलेश प्रताप सिंह- 461005 ( -33979)

    शाम चार बजे तक देवरिया लोकसभा सीट

    भाजपा शशांक मणि- 467178 (+ 29516)

    कांग्रेस अखिलेश प्रताप सिंह- 437662 ( -29516)

    दोपहर साढ़े तीन बजे तक देवरिया लोकसभा सीट

    भाजपा शशांक मणि- 438558 (+ 27628)

    कांग्रेस अखिलेश प्रताप सिंह- 410930 ( -27628)

    दोपहर तीन बजे तक देवरिया लोकसभा सीट

    भाजपा शशांक मणि- 387490 (+ 25359)

    कांग्रेस अखिलेश प्रताप सिंह- 362131 ( -25359)

    66 लोकसभा देवरिया दोपहर साढ़े दो तक

    बीजेपी प्रत्याशी शशांक मणि त्रिपाठी को अभी तक मिले वोट-3,44,742

    कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी अखिलेश प्रताप सिंह को मिले वोट-3,22,293

    भाजपा प्रत्याशी शशांक मणि त्रिपाठी 22,449 वोटों से आगे चल रहे हैं।

    दोपहर दो बजे तक देवरिया लोकसभा सीट

    भाजपा शशांक मणि- 327900 (+ 23611)

    कांग्रेस अखिलेश प्रताप सिंह- 304289 ( -23611)

    दोपहर साढ़े 1 बजे तक देवरिया लोकसभा सीट

    भाजपा शशांक मणि- 284577 (+ 17677)

    कांग्रेस अखिलेश प्रताप सिंह- 266900 ( -17677)

    दोपहर 1 बजे तक देवरिया लोकसभा सीट

    भाजपा शशांक मणि- 236701 (+ 17345)

    कांग्रेस अखिलेश प्रताप सिंह- 219356 ( -17345)

    दोपहर साढ़े 12 बजे तक देवरिया लोकसभा सीट

    भाजपा शशांक मणि- 211202 (+ 18107)

    कांग्रेस अखिलेश प्रताप सिंह- 193095 ( -18107)

    दोपहर 12 बजे तक देवरिया लोकसभा सीट

    भाजपा शशांक मणि- 157056 (+ 18939)

    कांग्रेस अखिलेश प्रताप सिंह- 138117 ( -18939)

    सुबह साढ़े 11 देवरिया लोकसभा सीट

    भाजपा शशांक मणि- 106306 (+ 16279)

    कांग्रेस अखिलेश प्रताप सिंह- 90027 ( -16279)

    आठवां राउंड देवरिया लोकसभा 

    भाजपा शशांक मणि त्रिपाठी-40686

    कांग्रेस अखिलेश प्रताप सिंह-32294

    भाजपा 8392 से आगे

    9:40 तक देवरिया में पांचवें राउंड में आगे

    शशांक मणि त्रिपाठी बीजेपी-24 227

    अखिलेश प्रताप सिंह-19087

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    देवरिया को जानें

    देवरिया का इतिहास काफी पुराना है। माना जाता है कि देवरिया नाम की उत्पत्ति ‘देवारण्य’ या ‘देवपुरिया’ से हुई थी। आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, ‘देवरिया’ नाम इसके मुख्यालय के नाम से लिया गया है और इसका मतलब होता है एक ऐसा स्थान, जहां कई मंदिर होते हैं। संत देवरहा बाबा की धरती के रूप में इसकी विशेष ख्याति है।

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    बिहार राज्य से सीमा साझा करने वाली देवरिया संसदीय सीट का इतिहास देश के पहले लोकसभा चुनाव 1952 से शुरू होता है। 2014 में यहां से कद्दावर भाजपा नेता कलराज मिश्र जीते थे। उसके बाद रमापति राम त्रिपाठी ने 2019 में भाजपा को जीत दिलाई। यहां लंबे समय तक कांग्रेस का दबदबा रहा है।

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    विधानसभा, स्थानीय मुद्दे और डेमोग्राफी 1952 में गोरखपुर से अलग हुआ देवरिया जिला कभी गन्ना की खेती के लिए जाना जाता था। क्षेत्र में 14 चीनी मिलें थीं। गन्ने का बकाया मूल्य भुगतान न होने के कारण यहां के किसानों का गन्ने की खेती से मोहभंग होता गया।

    औद्योगिक शून्‍यता, बाढ़, बेरोजगारी प्रमुख मुद्दे हैं। देवरिया लोकसभा के अंतर्गत देवरिया, तमकुही राज, फाजिलनगर, पथरदेवा, रामपुर कारखाना विधानसभा सीटें हैं। 2011 की जनगणना के जिले की आबादी 31 लाख से ज्यादा है। देवरिया की खास बातें देवरिया से पहले सांसद विश्‍वनाथ राय थे।

    देवरिया लोकसभा के अंतर्गत देवरिया, तमुखी राज, फाजिलनगर,, पथरदेवा, रामपुर कारखाना विधानसभा हैं। देवरिया कभी कोशल राज्‍य का हिस्‍सा हुआ करता था। गांधी जी ने देवरिया और पडरौना में 1920 में जनसभा को संबोधित किया था। देवरिया जिला गोरखपुर से 16 मार्च 1946 को अलग हुआ था।