देवरिया में AI सखी बनकर आमदनी बढ़ाएंगी महिलाएं, डिजिटल टूल्स और ऑनलाइन सेवाओं की मिली ट्रेनिंग
देवरिया में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को एआई सखी सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रशिक्षण दिया गया। यह पहल महिलाओं को डिजिटल टूल ...और पढ़ें

एआई सखी बनकर महिलाएं बढ़ाएंगी आमदनी।
HighLights
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का प्रशिक्षण मिला।
डिजिटल टूल्स, ऑनलाइन सेवाओं से आजीविका बढ़ाने की जानकारी दी गई।
यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाएगी।
जागरण संवाददाता, देवरिया। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की तकनीक से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की पहल शुरू की गई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सोमवार को विकास भवन स्थित गांधी सभागार में एआई सखी सशक्तिकरण के अंतर्गत समूह सदस्यों का एआई दक्षता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें महिलाओं को डिजिटल टूल्स, ऑनलाइन सेवाओं और एआई के माध्यम से आजीविका बढ़ाने की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान समय एआई का है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को एआई आधारित तकनीकों का प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार, डिजिटल सेवाओं और उद्यमिता से जोड़ना सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। तकनीक का सही उपयोग महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव लाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को समय की जरूरत के अनुसार तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
एआई दक्षता प्रशिक्षण से महिलाएं डिजिटल तकनीकों का बेहतर उपयोग कर अपने कार्यों को आसान, गुणवत्तापूर्ण और आयवर्धक बना सकेंगी। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने और सीखी गई तकनीकों का व्यावहारिक उपयोग करने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न उपयोग, डिजिटल टूल्स, आनलाइन सेवाओं और आजीविका बढ़ाने में एआई की उपयोगिता की जानकारी दी। महिलाओं को एआई आधारित तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारी, मास्टर ट्रेनर, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और अन्य लोग मौजूद रहे।