IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर शासन ने शुरू की प्रक्रिया, देवरिया समेत सभी तैनाती जिलों से मांगा 'नो ड्यूज'
आइएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के भारतीय प्रशासनिक सेवा से त्यागपत्र देने के अनुरोध के बाद शासन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।

IAS दिव्या मित्तल।
HighLights
आइएएस दिव्या मित्तल ने सेवा से त्यागपत्र का अनुरोध किया।
शासन ने त्यागपत्र प्रक्रिया के लिए नो ड्यूज मांगे।
देवरिया समेत सभी पूर्व तैनाती स्थलों से प्रमाणपत्र।
जागरण संवाददाता, देवरिया। IAS अधिकारी दिव्या मित्तल के भारतीय प्रशासनिक सेवा से त्यागपत्र देने के अनुरोध के बाद शासन स्तर पर प्रक्रिया शुरू हो गई है। शासन ने देवरिया समेत उन सभी जिलों व विभागों से अदेय प्रमाणपत्र (नो ड्यूज) मांगा है, जहां दिव्या मित्तल प्रशासनिक सेवा के दौरान तैनात रही हैं।
संबंधित अधिकारियों को प्रमाणपत्र तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। आइएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने रविवार को इंटरनेट मीडिया के जरिये अपने पद से त्यागपत्र देने की जानकारी साझा की थी। जिसके बाद मामला सुर्खियों में है।
नियुक्ति अनुभाग-एक के विशेष सचिव विजय कुमार की ओर से 31 अगस्त को इस संबंध में पत्र जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि 2013 बैच की आइएएस दिव्या मित्तल ने भारतीय प्रशासनिक सेवा से त्यागपत्र देने का अनुरोध किया है।
त्यागपत्र की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए उनकी विभिन्न तैनाती अवधि का अदेय प्रमाणपत्र आवश्यक है। दिव्या मित्तल प्रशासनिक सेवा के दौरान मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट रहीं।
इस्तीफे पर शासन से शुरू की प्रक्रिया
इसके बाद गौतमबुद्ध नगर में सीडीओ व कानपुर नगर में यूपीसीडा की संयुक्त प्रबंध निदेशक के पद पर तैनात रहीं। वह बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं। उन्होंने संतकबीर नगर, मीरजापुर व बस्ती में जिलाधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभाली।
इसके बाद उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी में मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर भी कार्य किया। इसके बाद जुलाई 2024 में देवरिया का जिलाधिकारी बनाया गया था। उन्होंने पांच मई 2026 तक जिले में जिलाधिकारी के रूप में कार्य किया।
इसके बाद उनका तबादला शासन में कर दिया गया और छह मई 2026 से वह राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात हैं। अब भारतीय प्रशासनिक सेवा से त्यागपत्र देने के अनुरोध के बाद शासन ने उनकी पूर्व और वर्तमान तैनाती से संबंधित कार्यालयों से नो ड्यूज प्रमाणपत्र मांगा है।
इसके लिए प्रमुख सचिव राजस्व विभाग, मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी, उपाध्यक्ष बरेली विकास प्राधिकरण सहित संबंधित जिलों के अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। सभी जगहों से नो ड्यूज प्रमाणपत्र मिलने के बाद उनके त्यागपत्र के अनुरोध पर शासन स्तर से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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