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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    UP के लिए अच्छी खबर; अब नहीं होगी बिजली की कमी, जवाहर तापीय परियोजना में पहले दिन 100 मेगावाट बनी, ग्रिड भेजी

    By pravesh dixitEdited By: Abhishek Saxena
    Updated: Sun, 24 Sep 2023 11:31 AM (IST)

    Up Power Corporation जवाहर तापीय परियोजना में उत्पादन शुरू 100 मेगावाट बिजली ग्रिड काे भेजी। विद्युत उत्पादन निगम के प्रबंध निदेशक गुरु प्रसाद और परिय ...और पढ़ें

    Up Power Corporation: तापीय परियोजना में उत्पादन शुरू, 100 मेगावाट बिजली ग्रिड काे भेजी
    Up Power Corporation: तापीय परियोजना में उत्पादन शुरू, 100 मेगावाट बिजली ग्रिड काे भेजी

    HighLights

    1. बार-बार ब्रेक डाउन लेकर बनाई जा रही बिजली
    2. पावर प्लांट में मनाया गया जश्न

    एटा, जागरण संवाददाता। यूपी के एटा जिले की जवाहर तापीय परियोजना में विद्युत उत्पादन शुरू हो गया। पहले दिन सौ मेगावाट बिजली बनाकर 765 नोएडा ग्रिड को भेजी गई। उत्पादन की प्रक्रिया धीमी गति के साथ शुरू की गई है।

    मशीनों की चेकिंग के लिए बार-बार ब्रेक डाउन लिया जा रहा है। उत्पादन क्षमता धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी। सफलतापूर्वक उत्पादन शुरू होने के बाद अधिकारी प्रफुल्लित दिखे और पावर प्लांट में जश्न का माहौल रहा।

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    शुक्रवार रात 9.30 बजे विद्युत उत्पादन की प्रक्रिया शुरू की गई और फुल कोल फायर किया गया। इसके बाद बिजली बनना शुरू हो गई। सुबह 5.40 बजे तक बिजली बनाई जाती रही। 100 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ और इसे तत्काल ही नोएडा ग्रिड को भेज दिया गया।

    फुल कोल फायर के दौरान उत्साह का माहौल दिखा। चिमनी में भी आग ने गति पकड़ ली और पहली बार इस चिमनी से आग की लपटें उठती देखी गईं। सभी को विद्युत उत्पादन शुरू होने का इंतजार था। कर्मचारी और अधिकारी कई दिन से दिनरात एक कर उत्पादन प्रक्रिया शुरू करने में लगे थे।

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    इस बीच कई बार व्यवधान भी आए, मगर उन्हें समय रहते दूर कर लिया गया। उत्पादन शुरू करने से पहले मशीनों में लगे 5000 से अधिक महत्वपूर्ण उपकरणों की चेकिंग की गई। जब यह भरोसा हो गया कि सभी उपकरण ठीक से काम कर रहे हैं तब बिजली बननी शुरू हुई।

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    लखनऊ से आई टीम ने की मानीटरिंग

    उत्पादन प्रक्रिया शुरू कराने के लिए लखनऊ की टीम शुक्रवार को ही पावर प्लांट में पहुंच गई थी और देखरेख शुरू कर दी थी। रातभर यह टीम मानीटरिंग करती रही। मानीटर पर जब बिजली ट्रांसफर की गई तो कंट्रोल रूम में उत्साह का माहौल नजर आया। 

    निर्बाध रूप से काम कर रहा कोल प्लांट

    तापीय परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा कोल प्लांट अब पूरी तरह से सफलता पूर्वक काम कर रहा है। शुरूआत में थोड़ी बाधाएं आईं थीं, लेकिन वे दूर कर ली गईं। कोल स्टेशन से वायलर तक बेल्ट के जरिए कोयला पहुंच रहा है। कोयला की पिसाई से लेकर बेल्ट संचालन तक फिलहाल कोई बाधा टीम को नजर नहीं आई।

    अब रैक का इंतजार

    विद्युत उत्पादन निगम के प्रबंध निदेशक ने शुक्रवार को पावर प्लांट का स्थलीय निरीक्षण किया था। इस दौरान रेलवे ट्रैक पर काम भी देखा। इंजीनियरों से कहा गया कि शीघ्र से शीघ्र रेल संचालन शुरू कराएं ताकि कोयला की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहे। निरंतर कोयला जलने से स्टाक कम होगा, इसलिए निर्बाध आपूर्ति आवश्यक है।

    पीएम से उद्घाटन कराने की तैयारी

    जवाहर तापीय परियोजना में बिजली का उत्पादन शुरू हो चुका है, लेकिन अभी विधि-विधान से उद्धाटन नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उद्घाटन कराने की तैयारी है। पावर प्लांट से लेकर विद्युत उत्पादन निगम के अधिकारी प्रधानमंत्री का समय लेने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए पीएमओ से भी संपर्क किया गया है। फिलहाल यह माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री वर्चुअल उद्घाटन कर सकते हैं। हालांकि अभी तिथि तय नहीं हुई है।

    यह है परियोजना

    • जवाहर तापीय विद्युत परियोजना को वर्ष 1996 में मंजूरी मिली थी।
    • इसके बाद वर्ष 2016 में निर्माण शुरू हुआ, जो अभी पूरा नहीं हो पाया है। आगे भी जारी रहेगा।
    • यह परियोजना 16 हजार करोड़ रुपये कुल लागत की है।
    • 5.38 मिलियन टन कोयला की खपत प्रति वर्ष की जाएगी।

    'जवाहर तापीय परियोजना में विद्युत उत्पादन शुरू हो चुका है। फिलहाल धीमी गति से बिजली बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। धीरे-धीरे उत्पादन क्षमता बढ़ाएंगे। पहले दिन 100 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया गया जो ग्रिड को भेज दी गई।' - अजय कटियार, महाप्रबंधक जवाहर विद्युत तापीय परियोजना