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    इटावा के भरथना में चाय की दुकान में सिलिंडर धमाका, आग लगने से मची अफरातफरी

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 04:10 PM (GMT+05:30)

    भरथना में एक चाय की दुकान पर दूध गरम करते समय गैस सिलिंडर में तेज धमाका हुआ, जिससे भीषण आग लग गई और आसपास के मकान भी हिल गए। दमकल कर्मियों ने पास की ख ...और पढ़ें

    आग बुझाते दमकल कर्मी। जागरण

    आग बुझाते दमकल कर्मी। जागरण

    HighLights

    1. दमकल कर्मियों ने खाली दुकान की दीवार तोड़कर आग पर काबू पाया

    2. दूध गर्म करते समय हुआ हादसा, तीन सिलिंडर मिले सुरक्षित

    संवाद सहयोगी, भरथना(इटावा)। जवाहर रोड स्थित एसएवी इंटर कालेज के सामने संचालित शंकर टी स्टाल पर सोमवार सुबह गैस सिलिंडर में तेज धमाके के साथ आग लग गई। धमाका इतना तेज था कि आसपास के मकानों की दीवारें तक हिल गईं और घबराकर लोग घरों से बाहर निकल आए। पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने पास की खाली दुकान की दीवार तोड़ने के करीब एक घंटा दस मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।


    सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे दुकान के अंदर कमरे में चाय बनाने के लिए गैस चूल्हे पर दूध गर्म किया जा रहा था। इस दौरान धमाके के साथ सिलिंडर फट गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि दुकान के कमरे की दीवार क्षतिग्रस्त होकर गिर गई और आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए और क्षेत्र में अफरातफरी मच गई।


    लोगों ने पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने आग बुझाने का प्रयास किया। दुकान के अंदर जाने का केवल एक ही रास्ता होने और अंदर अन्य सिलिंडरों के होने की जानकारी मिलने पर दमकल कर्मियों ने पास की खाली दुकान की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया और आग पर काबू पाया। जांच के दौरान कमरे में एक गैस सिलिंडर फटा मिला, जबकि तीन सिलिंडर सुरक्षित मिले।


    दुकान संचालक राजागंज निवासी शिवराम सिंह ने बताया कि वह चाय बना रहे थे। अंदर कमरे में गैस चूल्हे पर दूध गर्म करने के लिए रखा था। इस दौरान धमाके के साथ सिलिंडर फटने से दुकान में आग लग गई। आग से दुकान में रखा हजारों रुपये का सामान जलकर नष्ट हो गया। सीओ रामदवन मौर्य, तहसीलदार दिलीप कुमार सिंह, सदर लेखपाल विपिन कुमार, कस्बा चौकी प्रभारी तन्मय चौधरी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जांच की।

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    स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह दुकान पर ग्राहकों की संख्या अपेक्षाकृत कम थी। सामान्य दिनों में कई लोग दुकान के अंदर रखी बेंचों पर बैठकर चाय पीते हैं। यदि विस्फोट के समय दुकान के अंदर अधिक लोग मौजूद होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।