इटावा में डीएलएसए की पहल: आठ साल बाद फिर साथ आया बिछड़ा परिवार, साथ रहने को राजी
इटावा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की मध्यस्थता से आठ साल पुराना दांपत्य विवाद सुलझ गया। दंपती रूबी और नीरज ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, इटावा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के मध्यस्थता केंद्र में बुधवार को आठ साल से चल रहे दांपत्य विवाद का आपसी सहमति से समाधान कराया गया। दंपती रूबी और नीरज ने पुराने मतभेद भुलाकर तीन बच्चों के साथ दोबारा परिवार बसाने और शांतिपूर्वक साथ रहने पर सहमति जताई।यह मामला सैफई थाने से संबंधित था।
इसे सिविल जज (जू.डि.) एफटीसी/जेएम (महिलाओं के विरुद्ध अपराध) के न्यायालय से मध्यस्थता के लिए डीएलएसए केंद्र भेजा गया था। दो सितंबर 2026 को मध्यस्थता अधिवक्ता विद्याराम भारती ने डीएलएसए सचिव आरती द्विवेदी के निर्देश पर दोनों पक्षों की मौजूदगी में मध्यस्थता कराई। इसके बाद दोनों ने स्वेच्छा से लिखित समझौता किया।
पत्नी ने विवाह के बाद अतिरिक्त दहेज की मांग, मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना तथा ससुराल से अलग रहने को मजबूर किए जाने के आरोप लगाए थे। वर्ष 2018 की घटना में मारपीट और धमकी समेत अन्य उत्पीड़न के आरोपों को लेकर न्यायालय की शरण ली गई थी। पुलिस कार्रवाई के लिए भी प्रार्थना प्रस्तुत की गई थी।
समझौते में नीरज ने पत्नी और बच्चों को सम्मानपूर्वक साथ रखने, इलाज व आवश्यक देखभाल की जिम्मेदारी निभाने तथा किसी प्रकार की शारीरिक, मानसिक या आर्थिक प्रताड़ना नहीं करने की सहमति दी। दंपती के दो पुत्रियां और एक पुत्र हैं। रूबी ने भी समझौते के आधार पर आगे कार्रवाई न रखने पर सहमति जताई।
दोनों ने भविष्य में एक-दूसरे को शिकायत का अवसर न देने और आपसी सहमति से वैवाहिक जीवन आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
