Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    रिश्वत मामले में फंसे डिप्टी सीएमओ का निलंबन अटका, विजिलेंस ने सलाहकार समिति को भेजा नोटिस

    Updated: Sat, 11 Jul 2026 05:36 AM (GMT+05:30)

    इटावा में रिश्वत लेते पकड़े गए डिप्टी सीएमओ डॉ. श्रीनिवास यादव का एक महीने बाद भी निलंबन नहीं हुआ है। विजिलेंस जांच का दायरा बढ़ा रही है और पीसीपीएनडी ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    जागरण संवाददाता, इटावा। सीएमओ कार्यालय में तैनात तत्कालीन डिप्टी सीएमओ डा. श्रीनिवास यादव को विजिलेंस द्वारा बीती 10 जून को 55 हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार किए जाने के एक माह बाद भी उनके निलंबन की कोई कार्रवाई सामने नहीं आई है। शुक्रवार को इस कार्रवाई को पूरा एक महीना हो गया, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को अब तक उनके निलंबन का कोई आधिकारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।

    दूसरी ओर विजिलेंस टीम पूरे प्रकरण की जांच लगातार आगे बढ़ा रही है। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर अब जांच का दायरा भी बढ़ा दिया गया है। पीसीपीएनडीटी सलाहकार समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों समेत संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर बयान मांगे गए हैं। ऐसे में विभाग में अफरा-तफरी मची हुई है।


    गौरतलब है कि उसराहार निवासी नवीन कठेरिया ने शिकायत की थी कि उन्होंने अपनी पत्नी प्रिया के नाम श्रीजी अल्ट्रासाउंड सेंटर के संचालन के लिए आवेदन किया था। आरोप था कि सेंटर की एनओसी जारी कराने के एवज में डॉ. श्रीनिवास यादव ने करीब 3.50 लाख रुपये की मांग की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद 10 जून को कानपुर विजिलेंस टीम ने सीएमओ कार्यालय में कार्रवाई करते हुए 55 हजार रुपये लेते समय उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।


    गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ने डा. श्रीनिवास यादव से पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच का दायरा आगे बढ़ाया गया। इसी क्रम में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत अल्ट्रासाउंड सेंटरों के पंजीकरण और अनुमति प्रक्रिया से जुड़े अभिलेखों की जांच शुरू की गई। विजिलेंस अब यह भी पड़ताल कर रही है कि पंजीकरण की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप पूरी की गई थी या नहीं। इसके लिए संबंधित फाइलों, अभिलेखों और अनुमोदन प्रक्रिया का परीक्षण किया जा रहा है।

    खबरें और भी

    इसी कड़ी में करीब 12 दिन पहले पीसीपीएनडीटी सलाहकार समिति के अध्यक्ष एवं सभी सदस्यों को विजिलेंस एसपी की ओर से नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर ही इन नोटिसों की कार्रवाई की गई है। समिति के सदस्य अब क्रमवार अपने जवाब और संबंधित अभिलेख उपलब्ध करा रहे हैं।

    वहीं स्वास्थ्य विभाग के कुछ अन्य अधिकारियों एवं प्रशासनिक स्तर पर भी जानकारी मांगी गई है। हालांकि आधिकारिक रूप से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन-किन अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। विजिलेंस सभी जवाबों और दस्तावेजों का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुटी है। एक माह बीत जाने के बाद भी जहां जांच लगातार आगे बढ़ रही है, वहीं डिप्टी सीएमओ के निलंबन को लेकर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    सलाहकार समिति के अध्यक्ष व सदस्यों को नोटिस जारी हुए

    विभागीय सूत्रों ने बताया कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत अल्ट्रासाउंड सेंटरों के पंजीकरण का अधिकार समुचित प्राधिकारी के रूप में जिलाधिकारी के पास होता है। सेंटरों का निरीक्षण एसडीएम एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी करते हैं। इसके बाद सलाहकार समिति की संस्तुति पर विचार करते हुए पंजीकरण संबंधी निर्णय लिया जाता है। विजिलेंस की पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर सलाहकार समिति के अध्यक्ष एवं सभी सदस्यों को नोटिस जारी कर बयान मांगे गए हैं। समिति के अध्यक्ष महिला अस्पताल के सीएमएस डा. अनिल कुमार हैं।

    सदस्यों में जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. शादाब आलम, पुरुष जिला अस्पताल की पैथालाजिस्ट डा. नीतू द्विवेदी, महिला अस्पताल के रेडियोलाजिस्ट डा. प्रभात कुमार, जिला शासकीय अधिवक्ता शिवकुमार शुक्ला, जिला सूचना अधिकारी नीलम यादव, आइएमए अध्यक्ष डा. डीके दुबे, वोमेन चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी की अध्यक्ष सुवासा शाक्य तथा स्थानीय परिवाद कल्याण समिति की अध्यक्ष डा. ज्योति वर्मा शामिल हैं। समिति के सदस्य क्रमवार अपने बयान विजिलेंस को दर्ज करा रहे हैं, जिनके सहयोग से आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    डा. श्रीनिवास यादव के निलंबन से संबंधित अभी तक कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। विजिलेंस द्वारा मांगी जा रही सभी सूचनाएं और अभिलेख उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा जांच में विभाग पूरा सहयोग कर रहा है।
    डा. बृजेंद्र कुमार सिंह, सीएमओ