यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Etawah Double Murder: आखिर मासूम बहनों के खून का प्यासा क्यों बना कातिल? दोहरे हत्याकांड से सनसनी में डूबा गांव
शाम के साढ़े छह बजते ही अंधेरा गहरा होने लगता है। यही वक्त था जब अंधेरे में घर के अंदर डबल मर्डर को अंजाम दिया जा रहा था। कातिल उन मासूम दो बहनों के ख ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, इटावा। शाम के साढ़े छह बजते ही अंधेरा गहरा होने लगता है। यही वक्त था, जब अंधेरे में घर के अंदर डबल मर्डर को अंजाम दिया जा रहा था। कातिल उन मासूम दो बहनों के खून का प्यासा था, जो निर्दोष और निरपराध थीं।
शायद उन दोनों बहनों की नजरों का ही यही दोष रहा होगा कि वे कोई अनहोनी देखकर सन्न रह गई हों। उनकी मासूम आंखें उस अनहोनी को घर के लोगों के सामने बयां न कर दें, यही डर उस कातिल का सता रहा होगा।
देर शाम गांव सनसनी में डूब गया
बहरहाल, मासूम दो बहनों की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या किए जाने से बलरई का बहादुरपुर गांव शाम करीब सात बजे सनसनी में डूब गया। यही वक्त था, जब परिजन और गांव वालों को घटना के बारे में पता चला था। कातिल करीब आधा घंटे पहले डबल मर्डर को अंजाम देकर जा चुका था। परिजन की सूचना पर थाना पुलिस करीब साढ़े सात बजे तक घटनास्थल पर पहुंच गई थी।

(घटना की जानकारी देती मां सुशीला देवी। जागरण)
बड़ी बहन ने बताई दास्तां
डबल मर्डर के बाद घर के अंदर सबसे पहले बड़ी बहन अंजलि दाखिल हुई थी। ऐसा अंजलि ने अपने बयान में कहा है। उसके बयान पर यकीन किया जाए तो डबल मर्डर को उसके पीठ फेरते ही पौन घंटे के अंदर अंजाम दिया गया।
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अब ऐसे में बड़ा सवाल यह कि आखिर घर में अकेली मौजूद मासूम बहनें शिल्पी और रोशनी की भला किसी से क्या दुश्मनी हो सकती थी कि कातिल ने अंजलि के पीठ फेरते ही घर में घुसकर दोनों की गला रेतकर हत्या कर दी।
एडीजी व आईजी जोन के आने की संभावना
अपर पुलिस महानिदेशक आलोक सिंह, पुलिस महानिरीक्षक जोन प्रशांत कुमार के देर रात तक घटना स्थल पर पहुंचने की संभावना है। इनसे पहले एएसपी सिटी कपिल देव सिंह, सीओ जसवंतनगर अतुल प्रधान, बलरई थानाध्यक्ष अनिल मणि त्रिपाठी, जसवंतनगर थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार सोलंकी के साथ ही फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस बल देर रात तक घटनास्थल पर ही मौजूद रहा।