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    Etawah का 207 करोड़ का अंतरराष्ट्रीय तरणताल बदहाल, 10 साल से बंद, 17 करोड़ आया बिजली बिल

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 06:57 AM (IST)

    सैफई में 207 करोड़ की लागत से बना अंतरराष्ट्रीय तरणताल 10 साल बाद भी बदहाल है और तैराकों का इंतजार कर रहा है। इस पर 17 करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बि ...और पढ़ें

    सैफई स्थित अन्तरराष्ट्रीय तरणताल। जागरण

    सैफई स्थित अन्तरराष्ट्रीय तरणताल। जागरण

    HighLights

    1. सैफई का 207 करोड़ का अंतरराष्ट्रीय तरणताल 10 साल से बंद।

    2. तरणताल पर 17 करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल बकाया।

    3. अखिलेश यादव ने भी तरणताल की बदहाली पर सवाल उठाए।

    वीपी सिंह यादव, सैफई(इटावा)। दिल्ली के तालकटोरा की तरह सैफई में बना अंतरराष्ट्रीय तरणताल को उद्घाटन के 10 साल बाद भी तैराकों का इंतजार है। हालात यह हैं कि वर्तमान में तरणताल धूल फांक रहा है। जिस पर 17 करोड़ रुपये से अधिक बिजली बिल बकाया है।

    सपा सरकार में हुआ था निर्माण

    पूर्ववर्ती सपा सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने पैतृक गांव में करीब तीन हजार दर्शकों की क्षमता का एयर कंडीशनर तरणताल का निर्माण 207 करोड़ की लागत से कराया था। यहां पर तीन तरणताल बनाए गए हैं। इन पर 10 मीटर, 7.5 मीटर, 5 मीटर व 3 मीटर के डाइविग टावर बनाए गए हैं।


    ये थी खासियत

    तरणताल अंतरराष्ट्रीय संस्था फीना से अनुमोदित है जो विश्वकप टूर्नामेंट के अनुरूप हैं। इनका उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 6 अक्टूबर 2016 को कर दिया था। लेकिन सत्ता परिवर्तन हो जाने से इस तरणताल में बिजली का कनेक्शन नहीं हो सका था। इस कारण खेल विभाग ने तरण ताल को हस्तातंरण से इन्कार कर दिया।


    लगा भ्रष्टाचार का आरोप

    भाजपा सरकार बनने के बाद मई 2017 में तत्कालीन खेल मंत्री चेतन चौहान ने सैफई आकर निरीक्षण कर जल्द ही तरणताल को कार्यदाई संस्था राजकीय निर्माण निगम से खेल विभाग को हैंडओवर करने की बात कही थी। तीन साल बीतने के बाद सितंबर 2019 में राज्यमंत्री बनाए जाने पर उपेंद्र तिवारी ने निरीक्षण के दौरान स्टेडियम निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। हालांकि दिसंबर 2019 में बिजली कनेक्शन करा दिया गया। कार्यदाई संस्था राजकीय निर्माण निगम ने वर्ष 2020 में खेल विभाग को हैंडओवर भी कर दिया। लेकिन अब तक तरणताल चालू नहीं हो सका।

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    दैनिक जागरण टीम ने की पड़ताल

    रविवार को दैनिक जागरण की टीम ने जब इस तरणताल की पड़ताल की तो दिल्ली के ताल कटोरा की तर्ज पर बना तरण ताल धूल फांकता हुआ नजर आया। इतना ही नहीं तरणताल के सभी गेटों पर ताला लटक रहा था। सिर्फ सुरक्षा गार्ड घूम रहे थे गंदगी के ढेर लगे हुए थे। तरणताल की बिल्डिंग में कई जगह टूट फूट पड़ी हुई थी।


    न स्टाफ की नियुक्ति न मेंटेनेंस बजट

    प्रदेश सरकार ने यहां तरणताल के लिए कोई स्टाफ की नियुक्ति नहीं की और न ही अभी मेंटेनेंस बजट दिया जा रहा है। फिलहाल मेजर ध्यान चंद स्पोर्ट्स कालेज के अंतर्गत इसकी देखरेख की जा रही है। तरणताल बनकर तैयार है। बिजली कनेक्शन भी हो चुका। खेल विभाग को हैंडओवर भी कर दिया गया है। लेकिन अब बिजली बिल का 17 करोड से अधिक रुपये बकाया चल रहा है जिस कारण बिजली कनेक्शन भी विभाग ने काट दिया है। हालांकि वर्तमान में तरण ताल में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कालेज में पढ़ाई करने वाले स्विमिंग के 35 छात्र प्रैक्टिस करते हैं।


    अखिलेश यादव ने उठाए थे सवाल

    24 फरवरी 2023 को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने गांव में विश्व स्तरीय तरणताल में पानी उपलब्ध न होने को लेकर के सवाल उठाए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की थीं कि जब तरणताल में पानी उपलब्ध नहीं करा सकते हैं तो फिर प्रवेश क्यों करवाए जा रहे है। अखिलेश यादव ने कहा था कि सबसे अधिक बच्चे गोरखपुर से ही है यदि पानी उपलब्ध नहीं करा सकते तो बिना पानी के तैरना सिखाने वाला ट्रेनिंग कोच ढूंढ करके दे दो।

     


    सपा मुखिया अखिलेश यादव ने यहां गांव में अंतरराष्ट्रीय तरण ताल का निर्माण कराया था जिसका उद्घाटन भी कर दिया गया था। ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को यहां बहुत कुछ सीखने की उम्मीद थी। लेकिन सरकार ने इस पर भी राजनीति की है। जिससे इतनी बड़ी लागत का तरण ताल धूल फांक रहा है।
    कुलदीप कुमार एडवोकेट, हैंवरा


    अभी तक तो यहां पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई बड़े आयोजन होने चाहिए थे। जिससे तरणताल में साफ सफाई एवं मेंटेनेंस की व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहती। लेकिन आयोजन न होने के कारण वह पूरी तरह से बर्बाद हो रहा है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए, यह तरणताल सरकार के ही खजाने से बना है और इसका मलिकाना हक भी सरकार का है। सरकार इसको बर्बाद होने से बचाए।
    महावीर सिंह, पूर्व प्रधान कथुआ


    बिजली कनेक्शन के लिए शासन को पत्राचार किया गया है। अभी हमारे छात्र यहां पर सुबह शाम अभ्यास करते हैं। हमारी कोशिश है यहां जल्द एक बड़ी प्रतियोगिता कराई जाए।
    सर्वेंद्र सिंह चौहान, प्रधानाचार्य मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कालेज सैफई