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    Etawah Jaswantnagar MLA Report Card: अधूरी स्वास्थ्य परियोजनाएं, जलनिकासी और जाम बनी बड़ी चुनौती

    Updated: Tue, 21 Jul 2026 07:53 PM (IST)

    जसवंतनगर विधायक के रिपोर्ट कार्ड में सैफई की अधूरी स्वास्थ्य परियोजनाएं, ऊसराहार में जल निकासी और जसवंतनगर में जाम प्रमुख चुनौतियां बनी हुई हैं। 2027 ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. सैफई की अधूरी स्वास्थ्य परियोजनाएं अभी भी समाधान का इंतजार कर रही हैं।

    2. ऊसराहार कस्बे में वर्षों से जल निकासी की समस्या बनी हुई है।

    3. जसवंतनगर कस्बे में बढ़ती वाहनों से जाम की समस्या बनी है।

    जागरण संवाददाता, कानपुर। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं और वर्ष 2022 में चुने गए विधायकों का कार्यकाल अंतिम पड़ाव में पहुंच चुका है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि चुनाव के समय जिन समस्याओं को लेकर जनता ने अपने जनप्रतिनिधियों पर भरोसा जताया था उनमें कितना बदलाव आया।

    विधानसभा क्षेत्र की पांच प्रमुख समस्याएं सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, जलभराव या अतिक्रमण जैसे मुद्दों के समाधान के लिए पिछले चार वर्षों में क्या प्रयास हुए, कितनी योजनाएं धरातल पर उतरी हैं और कितने काम अब भी अधूरे हैं जिन समस्याओं के समाधान का दावा किया गया था वह वास्तव में खत्म हुई या आज भी लोगों की परेशानी बनी हुई हैं।

    जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र की बड़ी समस्याओं में सैफई की अधूरी स्वास्थ्य परियोजनाएं, खेल सुविधाओं का विस्तार, ऊसराहार कस्बे की जलनिकासी व्यवस्था और जसवंतनगर कस्बे की जाम की समस्या प्रमुख मुद्दे रहे। कुछ मामलों में प्रगति हुई, जबकि कई परियोजनाएं और समस्याएं अभी भी पूरी तरह समाधान का इंतजार कर रही हैं। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई का 500 बेड सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल 6 मार्च 2024 को उद्घाटन के बाद भी लंबे समय तक पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो सका।

    300 बेड महिला एवं प्रसूति अस्पताल भी वर्षों से अधूरा पड़ा है, विश्वविद्यालय में प्रतिदिन आठ से 10 जनपदों से आने वाले मरीजों के कारण प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में बेड का लगातार दबाव बना रहता है और कई बार एक ही बेड पर तीन-तीन मरीजों का उपचार करना पड़ता है। हाल में बजट स्वीकृत होने के बाद अस्पताल का निर्माण कार्य दोबारा शुरू हुआ है।

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    खेल नगरी के रूप में पहचान रखने वाले सैफई में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कालेज में खिलाड़ियों के लिए छात्रावास की कमी लंबे समय तक बनी रही। वहीं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और अंतरराष्ट्रीय तरणताल आज भी पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो सके हैं। दूसरी ओर ऊसराहार कस्बे में वर्षों से जलनिकासी की समस्या बनी हुई है।

    बरसात में नालियों का पानी घरों और दुकानों तक पहुंच जाता है। जसवंतनगर कस्बे में बढ़ते वाहनों के कारण जाम की समस्या भी लोगों के लिए रोजमर्रा की परेशानी बनी हुई है इसका कोई निदान नहीं हो पा रहा है। छात्र-छात्राओं व महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    विधानसभा: जसवंतनगर विधानसभा

    • कुल मतदाता : 3,52,599
    • पुरुष मतदाता : 1,94,286
    • महिला मतदाता : 1,58,303
    • थर्ड जेंडर : 10


    विपक्ष में रहने के बावजूद विधानसभा की हर प्रमुख समस्या को लगातार शासन और विधानसभा में उठाया। 500 बेड के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को पूरी क्षमता से संचालित कराने के लिए कई बार पत्राचार किया और अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। 300 बेड का महिला एवं प्रसूति अस्पताल वर्षों तक अधूरा पड़ा रहा, लेकिन लगातार प्रयासों के बाद शासन से बजट स्वीकृत हुआ और निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया। खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कालेज में 250 बेड के छात्रावास की स्वीकृति दिलाई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और तरणताल को शुरू कराने का मुद्दा कई बार शासन के समक्ष रखा है। ऊसराहार में स्थायी जलनिकासी व्यवस्था तथा जसवंतनगर कस्बे की जाम समस्या के समाधान के लिए भी लगातार संबंधित विभागों और शासन से पत्राचार किया है।
    शिवपाल सिंह यादव, विधायक जसवंतनगर


    विधानसभा में शत-प्रतिशत रही उपस्थिति, 400 मुद्दे उठाए

    जसवंतनगर विधायक शिवपाल सिंह यादव ने बताया कि उनकी उपस्थिति सदन में शत-प्रतिशत रही है। उन्होंने अब तक विधानसभा के सत्रों के दौरान करीब 400 मुद्दे सदन में उठाए हैं।


    जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र में कई मूलभूत समस्याएं आज भी बरकरार हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, जलनिकासी व्यवस्था और यातायात जैसी समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हो सका है। जनता विकास कार्यों का मूल्यांकन कर रही है और अधूरे कार्यों के पूरे होने की अपेक्षा रखती है।
    विवेक शाक्य, रनरअप वर्ष 2022 में भाजपा के प्रत्याशी


    लोग बोले

    विधायक क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से उठाते रहे हैं। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय की स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने लगातार शासन का ध्यान आकर्षित किया।
    बलवीर सिंह यादव, किसान


    300 बेड महिला अस्पताल का निर्माण दोबारा शुरू होना और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को पूरी क्षमता से शुरू कराने की पहल उनके निरंतर प्रयासों का परिणाम है।
    राजवीर सिंह यादव, किसान


    विपक्ष में रहने के बावजूद विधायक ने कभी विकास के मुद्दों पर समझौता नहीं किया। जनता के लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं और यही उनकी सबसे बड़ी पहचान है।
    रामफल वाल्मीकि, प्रधान सैफई


    मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कालेज में बाउंड्रीवाल और मैस भवन बनने से खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिली हैं। 250 बेड छात्रावास की स्वीकृति भी भविष्य के खिलाड़ियों के लिए बड़ी उपलब्धि है।
    चंद्रशेखर यादव, अधिवक्ता