इटावा में एनकाउंटर के बाद गिरफ्त में हत्यारोपित, मां- बेटी की हत्या करने वाला मुख्य आरोपित पति सत्येन्द्र गिरफ्तार
इटावा पुलिस ने 15 अगस्त को मां-बेटी की हत्या के मुख्य आरोपी सत्येन्द्र यादव को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। सत्येन्द्र ने वैवाहिक विवाद और भरण-पोषण राशि को लेकर हत्या की योजना बनाई थी, जिसमें उसका रिश्तेदार मुकेश भी शामिल था।

पकड़ा गया आरोपित सतेन्द्र यादव व जानकारी देते एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव। जागरण
HighLights
इटावा में 15 अगस्त को मां-बेटी की हत्या का आरोपी गिरफ्तार।
मुख्य आरोपी सत्येन्द्र यादव पुलिस मुठभेड़ में तमंचे के साथ गिरफ्तार।
वैवाहिक विवाद और भरण-पोषण राशि को लेकर की थी हत्या।
जागरण संवाददाता, इटावा। भरथना क्षेत्र के ग्राम चंदेठी में 15 अगस्त की रात पत्नी मंजू देवी और सास पुष्पा देवी की हत्या के मुख्य आरोपित सतेन्द्र यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, सतेन्द्र ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने का प्रयास किया, जिसके बाद घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया। तलाशी में उसके पास से एक तमंचा, तीन कारतूस और उसकी दिवंगत पत्नी की एक जोड़ी पायल बरामद हुई।
एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सतेन्द्र यादव मैनपुरी जिले के किशनी थाना क्षेत्र के ग्राम मिदिया का निवासी है और अलीगढ़ में पंचायतराज विभाग में सफाई कर्मचारी के पद पर तैनात है। पूछताछ में उसने हत्या की वजह पत्नी के साथ चल रहे वैवाहिक विवाद और न्यायालय में चल रहे भरण-पोषण के मामले को बताया।
पुलिस के मुताबिक, न्यायालय ने मंजू को तीन लाख रुपये नकद और सात हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण देने का आदेश दिया था। सतेन्द्र के मुताबिक, ससुराल वाले इस रकम को कम मान रहे थे और इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह कराने के लिए दोबारा न्यायालय में याचिका दाखिल करने की तैयारी में थे। 13 अगस्त को अदालत में तारीख के बाद उसने अपने मौसेरे साले मुकेश यादव निवासी नगला तुला, थाना कुर्रा, मैनपुरी के साथ हत्या की योजना बनाई। इसके लिए मुकेश को ढाई लाख रुपये देने का वादा किया गया था।
पुलिस के अनुसार, 15 अगस्त की शाम करीब सात बजे मुकेश नशीली कोल्डड्रिंक लेकर मंजू के घर पहुंचा। वह पहले से ही मंजू का रिश्तेदार होने के कारण घर आता-जाता था। आरोप है कि उसने मंजू और उसकी मां पुष्पा देवी को नशीली कोल्डड्रिंक पिलाई। दोनों के बेहोश होने के बाद उनके हाथ-पैर बांध दिए गए और सतेन्द्र को पिछले दरवाजे से घर में बुलाया गया।
आरोप है कि सतेन्द्र ने चाकू और दरांती से दोनों की गला रेतकर हत्या कर दी, जबकि मुकेश ने उनके हाथ-पैर पकड़ने में सहयोग किया। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद सतेन्द्र ने पत्नी की पायल उतार ली थी। पूछताछ में उसने बताया कि वह चाहता था कि पत्नी के शरीर पर सुहाग की कोई निशानी न रहे। हत्या की जानकारी 17 अगस्त को हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मुकेश को गिरफ्तार कर लिया, जबकि सतेन्द्र फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। पुलिस का कहना है कि सतेन्द्र ने मक्का की फसल बेचकर मुकेश को ढाई लाख रुपये दिए थे।
एसएसपी के मुताबिक, पुलिस को मंगलवार रात सूचना मिली कि सतेन्द्र तुरैया पुल मंदिर के पास हत्या से जुड़े गवाहों को धमकाने के इरादे से खड़ा है। पुलिस टीम ने घेराबंदी की तो उसने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बरामद तमंचा और कारतूस कब्जे में लेकर आरोपित को जेल भेज दिया। कार्रवाई के दौरान एएसपी ग्रामीण श्रीशचन्द्र, एएसपी क्राइम संतोष कुमार और सीओ रामदबन मौर्य भी मौजूद रहे।
