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    यूपी के सरकारी अस्पताल में पुत्र जन्म पर नर्स ने मांगे 2100 रुपये, नहीं देने पर पिता को जड़ा थप्पड़

    Updated: Mon, 09 Mar 2026 11:44 AM (IST)

    फर्रुखाबाद के कायमगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद अवैध वसूली का मामला सामने आया है। ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। सरकारी अस्पतालों में प्रसव के बाद अवैध वसूली के आरोप एक बार फिर सामने आए हैं।

    सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के महिला अस्पताल में पुत्र जन्म के बाद रुपये मांगने का विरोध करने पर प्रसूता के पति को स्टाफ नर्स द्वारा थप्पड़ मारने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात संविदा स्टाफ नर्स ने 2100 रुपये की मांग की और कम रुपये देने पर नाराजगी जताई।

    घटना का वीडियो बनाने पर नर्स ने नवजात के पिता को थप्पड़ मार दिया, जबकि अस्पताल में मौजूद ईएमटी ने भी उससे मारपीट की। मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच बैठा दी है। नर्स का तबादला कर दिया गया है और ईएमटी के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू की गई है।

    गांव गऊटोला निवासी विजय राजपूत अपनी पत्नी जय देवी को प्रसव के लिए कायमगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित महिला अस्पताल लेकर आए थे।

    पुत्र जन्म के बाद मांगे थे रुपये

    शनिवार रात करीब 12 बजे जय देवी ने पुत्र को जन्म दिया। आरोप है कि इसके कुछ समय बाद ड्यूटी पर तैनात संविदा स्टाफ नर्स ने प्रसूता के स्वजन से 2100 रुपये की मांग की। परिजनों ने खुशी के तौर पर 700 रुपये दिए, लेकिन नर्स ने रुपये फेंक दिए और पूरे 2100 रुपये देने की जिद की।

    इसी दौरान विजय ने मोबाइल से रुपये मांगने का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो बनाते देख नर्स भड़क गई और विजय को तमाचा मार दिया। साथ ही मोबाइल छीनने की कोशिश की।

    परिजनों का कहना है कि इस दौरान अस्पताल में मौजूद 102 एंबुलेंस के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) ने भी विजय के साथ मारपीट की।

    किसी तरह मामला शांत कराया गया

    ड्यूटी पर मौजूद गार्ड और अन्य लोगों के हस्तक्षेप से किसी तरह मामला शांत हुआ। रविवार सुबह विजय के पिता जगतराम ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. विपिन कुमार को लिखित शिकायत दी और वीडियो भी दिखाया।

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    शिकायत सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अवनींद्र कुमार ने रविवार शाम को बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। संविदा स्टाफ नर्स शीतल विश्वकर्मा को कायमगंज अस्पताल से हटाकर राजेपुर ब्लाक के जिठौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया है।

    मामले की जांच को कमेटी गठित

    वहीं मारपीट के आरोप में 102 एंबुलेंस के ईएमटी विमल कुमार की सेवाएं समाप्त करने के लिए जिला कार्यक्रम प्रबंधक विजय चौहान को पत्र भेजा गया है। सीएमओ ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की गई है।

    इसमें डिप्टी सीएमओ डा. आरसी माथुर और डिप्टी सीएमओ डा. दीपक कटारिया को नामित किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

    ईएमटी विमल ने बताया कि नर्स के कहने पर उसने मोबाइल मांगा था, लेकिन उसने मारपीट नहीं की है। स्टाफ नर्स शीतल विश्वकर्मा ने बताया कि आरोप गलत हैं। उन्होंने जांच के लिए कहा था। साजिश में गलत शिकायत की गई है।