Farrukhabad Kaimganj MLA Report Card: सड़क-बिजली में हुआ सुधार, फाइलों में ही हैं बाढ़ नियंत्रण के प्रयास
कायमगंज विधायक डॉ. सुरभि के रिपोर्ट कार्ड में बिजली-सड़क में सुधार दिखा, लेकिन बाढ़ नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं में कमी रही। जनता ने अतिक्रमण, रोजगार ...और पढ़ें

HighLights
बिजली आपूर्ति और ग्रामीण सड़कों में महत्वपूर्ण सुधार हुआ।
बाढ़ नियंत्रण तटबंध और चीनी मिल विस्तार लंबित मुद्दे।
स्वास्थ्य सेवाओं में डॉक्टर कमी, रोजगार सृजन में धीमी गति।
जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुटे हैं तो आम जनता भी अपने प्रतिनिधि और सरकार के कामकाज की समीक्षा करने लगे हैं। गांव की चौपाल हो या फिर शहर के चौराहे। हर जगहों पर विकास कार्यों की चर्चा हो रही है। जिले के पश्चिमी छोर पर तराई इलाके में बने कायमगंज (सुरक्षित) विधानसभा क्षेत्र से 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की सहयोगी अपना दल से विधायक बनीं डा. सुरभि, वादों के आधार पर उनके अब तक के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया गया है।
विधानसभा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार दिखता है। अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगने व नई बंच केबल पड़ने से शुरुआती दौर में आपूर्ति बेहतर रही। ग्रामीण क्षेत्रों में 12 मार्गों की सड़क के नए निर्माण, चौड़ीकरण आदि से लोगों को सहूलियत हुई। कायमगंज से अचरा नवाबगंज संकिसा मार्ग के चौड़ीकरण से दुर्घटना बहुल इस क्षेत्र के ग्रामीणों को राहत मिली। सीएचसी में अल्ट्रासाउंड, हेल्थ एटीएम, आधुनिक पैथोलाजी जैसे संसाधन तो बढ़े, लेकिन चिकित्सकों की कमी से इन संसाधनों का लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है।
नगरीय क्षेत्र में व अन्य सड़कों पर अतिक्रमण व जाम की समस्या हल नहीं हुई। इसके अलावा नगरीय प्राथमिक शिक्षा की दुर्दशा, बंद उद्योगों के पुनर्संचालन, रोजगार सृजन व्यवस्था में कुछ खास नहीं हुआ। कंपिल क्षेत्र के गांव धीमर नगला से शमसाबाद क्षेत्र के नगला वसोला तक के एक सैकड़ा गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए तटबंध का वादा अब तक पूरा नहीं हो सका है। हालांकि विधायक का दावा है कि इसके प्रस्ताव पर सर्वे हो चुका है।
नगर पालिका के सीमा विस्तार की पत्रावली शासन में लंबित पड़ी है। सीमा विस्तार न होने से इस नगर पालिका की जनसंख्या व बजट शमसाबाद नगर पंचायत से भी कम है। जिससे नगर के विकास कार्य बाधित रहे। औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने, 25 करोड़ लागत का कंपोजिट विद्यालय, महिला सुरक्षा के लिए कायमगंज में महिला थाने व फायर स्टेशन स्वीकृति, कंपिल में पर्यटन विकास के लिए चार करोड़ की स्वीकृति होने का दावा करती हैं।
खबरें और भी
उनके वादों में बंद पड़ी कंपिल कताई की जगह अन्य उद्योग लगवाने का प्रयास दिखता है, लेकिन चीनी मिल की क्षमता वृद्धि में कोई प्रगति नहीं है। विधायक निधि से 8.38 लाख की लागत से तहसील परिसर में 30 मीटर राष्ट्रीय ध्वज के अलावा 394.90 लाख की लागत से 220 स्थानों पर सेमी हाईमास्ट लाइटें दिखती हैं। 1.35 करोड़ से 76 हाईमास्ट लाइटों से जगमग किया गया है।
सदन में उठाए सवाल, उपस्थिति 100 प्रतिशत
सदन में उपस्थिति 100 प्रतिशत रही। बाढ़ से बचाव को गंगा पर तटबंध बनाने, कंपिल को महाभारत सर्किट व जैन सर्किट से जोड़ने सहित एक दर्जन से अधिक मुद्दे उठाए।
विधानसभा क्षेत्र - कायमगंज (सु.)
- कुल मतदाता- 347967
- पुरुष - 193194
- महिला - 154771
- अन्य - 2
प्रयास के बावजूद चीनी मिल की क्षमता का विस्तार नहीं हो सका। औद्योगिक विकास की दिशा में कताई मिल वाले स्थान पर इंडस्ट्रियल एरिया घोषित कर सरदार पटेल इंप्लायमेंट जोन बनाए जाने का प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है। जल्द ही इस औद्योगिक क्षेत्र के विकसित होने से युवाओं को रोजगार मिलेगा। क्षेत्र में अटैना-कंपिल, नवाबगंज-अलीगंज, पितौरा-नवाबगंज, कायमगंज-अचरा मार्ग सहित 12 प्रमुख सड़कों के निर्माण व चौड़ीकरण एवं करीब 400 छोटी सड़कों व बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में 40 लघु सेतु (पुलिया) के निर्माण कराए गए। करीब 70 सड़कों के निर्माण व इंटरलाकिंग सहित कई अन्य विकास कार्य विधायक निधि से कराए गए। गांव लुधइया में न्यायालय परिसर निर्माण की मंजूरी हुई, जिसका निर्माण शीघ्र शुरू हो जाएगा। रेलवे के ओवरब्रिज की स्वीकृति, गांव गठबाया में कस्तूरबा गांधी विद्यालय निर्माण शुरू हो गया है। विधानसभा क्षेत्र में दो होम्योपैथी व एक आयुर्वेदिक-यूनानी चिकित्सालय सहित कई अन्य कार्य स्वीकृत कराए गए है।
- डा. सुरभि, विधायक कायमगंज।
इस क्षेत्र में प्रमुख समस्या बाढ़ से निजात दिलाने के लिए कुछ नहीं किया गया। बाढ़ से फसल उजड़ जाने से सैकड़ों गांव के किसान तबाह हो जाते हैं। केवल सर्वे हो जाने से समस्या हल नहीं होती। तटबंध बनना चाहिए था। यह झूठा व खोखला दावा है। पानी, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बेसहारा गोवंशी व सांड़ से भारी अव्यवस्था है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की अव्यवस्था से अंधेरा रहता है, जिससे चोरियां हो जाती हैं। झूठी तसल्ली व कोरे आश्वासनों से समस्या हल नहीं होती। विधायक को जनता की मूल समस्याओं का निराकरण करना चाहिए था।
- सर्वेश अंबेडकर, 2022 में रनर।
जनता के बोल
‘कंपिल कताई मिल तो शुरू नहीं हुई, लेकिन उसके स्थान को इंडस्ट्रियल एरिया घोषित किया जाना संतोषजनक है। कताई मिल से बेरोजगार हुए श्रमिकों की बकाया धनराशि का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। विधायक को उनका भुगतान भी कराना चाहिए।’
- विनोद कुमार शुक्ल, पूर्व कर्मी कताई मिल।
‘जब कताई मिल बनी थी, तब स्थानीय किसानों की जमीन यह कहकर ली गई थी कि उनके परिवार के लोगों को नौकरी मिलेगी। कुछ को मिली भी, लेकिन मिल बंद होने से उनकी नौकरी भी गई, जमीन पहले ही चली गई। इसलिए किसानों को जमीन वापस होनी चाहिए।’
- दामोदर सिंह, गांव कुंवरपुर खास।
‘कंपिल क्षेत्र में तो शिक्षा, कृषि संबंधी कई समस्याएं हैं। किसान खाद, पानी, बिजली, हर विभाग में भ्रष्टाचार से परेशान हैं। विधायक से शिकायत कर निराकरण कराना चाहता, लेकिन हमारी विधायक जनता की शिकायतें सुनने के लिए मिल ही नहीं पाती। वह फर्रुखाबाद में रहती हैं।’
- रामबाबू मिश्र, सेवानिवृत्त प्राध्यापक।
‘विधायक चुने जाने पर डाक्टर होने के नाते उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा था कि कायमगंज अस्पताल की दशा में सुधार अवश्य किया जाएगा, लेकिन सेवाएं जस की तस रही। विकास के नाम पर सामान्य कार्य सड़क व अन्य निर्माण ही हुए। सामान्य व्यक्ति को तो हर जगह भ्रष्टाचार से ही जूझना पड़ा।’
- वीरेंद्र प्रताप अग्रवाल, व्यापारी।