पूर्व विदेश मंत्री के ट्रस्ट को 30 साल पहले फर्रुखाबाद में मिला 25 एकड़ भूमि का पट्टा निरस्त, किया जाता रहा निजी उपयोग
पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के ट्रस्ट को फर्रुखाबाद में 30 साल पहले मिली 25 एकड़ भूमि का पट्टा रद्द कर दिया गया है। यह भूमि धर्मार्थ चिकित्सालय क ...और पढ़ें

HighLights
नहीं चलाया गया धर्मार्थ चिकित्सालय, भूमि का किया जाता रहा निजी उपयोग
अब भूमि चिकत्सा विभाग को दी जाएगी, उपमुख्यमंत्री ने विधायक को लिखा पत्र
जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद व उनके स्वजन के डा. जाकिर हुसैन ट्रस्ट को 30 साल पहले मिला 25 एकड़ भूमि का पट्टा निरस्त कर दिया गया है। यह भूमि अब चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग को दी जाएगी। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भाजपा विधायक सुशील शाक्य को भेजे पत्र में दी है।
नवाबगंज-मोहम्मदाबाद मार्ग पर स्थित स्वास्थ्य विभाग की 25 एकड़ भूमि का पट्टा एक अप्रैल,1995 को धर्मार्थ चिकित्सालय संचालित करने के लिए जाकिर हुसैन ट्रस्ट को 30 वर्ष के लिए किया गया था। यह ट्रस्ट पूर्व विदेश मंत्री के साथ उनकी पत्नी पूर्व विधायक लुईस खुर्शीद व स्वजन अपने नाना पूर्व राष्ट्रपति डा. जाकिर हुसैन के नाम से संचालित करते हैं।
विधायक सुशील शाक्य ने 19 फरवरी,2026 को विधानसभा में नियम 51 के अंतर्गत इस संबंध में सूचना मांगी थी।इसके बाद उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक की ओर से विधायक को भेजे पत्र में कहा गया है कि सीएमओ ने 21 फरवरी को अवगत कराया है कि जिलाधिकारी फर्रुखाबाद ने 13 मई,2025 को अपर जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी व एसडीएम कायमगंज की तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी।
समिति ने स्थलीय निरीक्षण कर 30 मई,2025 को जांच आख्या उपलब्ध कराई। इसके अनुसार, पट्टेदार द्वारा शर्तों का पालन नहीं किया गया। भूमि पर धर्मार्थ चिकित्सालय एक अप्रैल,2025 तक भी नहीं बनाया गया और इसका उपयोग निजी लाभ के लिए पाया गया। समिति ने पट्टा निरस्त कर पुन: लोकहित में जमीन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को दिए जाने की संस्तुति की है, जिसकी प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। वहीं, ट्रस्ट के संचालक मंडल में शामिल पूर्व विधायक लुईस खुर्शीद ने बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। पत्र देखने के बाद ही वह कुछ बता सकेंगी।
खबरें और भी
दिव्यांग उपकरण घोटाले में चर्चा में रहा ट्रस्ट : डा. जाकिर हुसैन ट्रस्ट का विवादों से पुराना नाता रहा है। पिछले दिनों दिव्यांग उपकरण वितरण घोटाले में जांच के बाद पुलिस ने पूर्व विदेश मंत्री की पूर्व विधायक पत्नी लुईस सहित अन्य के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से दिव्यांगजनों को सहायता उपकरण बांटने के लिए ट्रस्ट को बजट दिया गया था। बाद में आरोप लगा कि ट्रस्ट ने उपकरण नहीं बांटे व कई जनपदों में घोटाला कर दिया। आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा लखनऊ के निरीक्षक रामशंकर यादव ने 10 जून,2017 को ट्रस्ट की परियोजना निदेशक पूर्व विधायक लुईस, सदस्य प्रत्यूष शुक्ला व अतहर फारुकी को आरोपित बनाया था। इस मामले की सुनवाई न्यायालय में विचाराधीन है।