फर्रुखाबाद सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास काट रहे कैदी ने दी जान, दुष्कर्म का था दोषी
फर्रुखाबाद की सेंट्रल जेल फतेहगढ़ में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 39 वर्षीय कैदी प्रभाकर उर्फ प्रभात ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह किशोरी से दुष ...और पढ़ें
HighLights
किशोरी से दुष्कर्म के मामले में 24 मार्च 2024 को सुनाई गई थी उम्रकैद की सजा
जेल की दरी फैक्ट्री में करता था काम, नौ फरवरी को मां से हुई थी मुलाकात
जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। सेंट्रल जेल फतेहगढ़ में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 39 वर्षीय सजायाफ्ता कैदी प्रभाकर उर्फ प्रभात ने शुक्रवार जेल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। प्रभाकर जेल की दरी फैक्ट्री में काम कर रहा था।
दोपहर करीब ढाई बजे प्रभाकर ने छत में लगी लोहे की राड में अंगौछे से फंदा बनाकर फांसी लगा ली। सूचना पर बंदीरक्षकों ने उसे फंदे से उतारा और जेल प्रशासन की ओर से डा. राम मनोहर लोहिया अस्पताल भेजा गया, जहां इमरजेंसी मेडिकल आफीसर डा. अभय श्रीवास्तव ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रभाकर राजपूत पुत्र राम कुमार मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव सिलसंडा का निवासी था।
उस पर 25 जून 2023 को गांव की 17 वर्षीय किशोरी को ज्वार की फसल में ले जाकर दुष्कर्म करने का आरोप था। मामले में मुकदमा 26 जून 2023 को किशोरी की मां की तहरीर पर दर्ज हुआ था। मुकदमा में दुष्कर्म, पाक्सो एक्ट आदि गंभीर धाराएं लगी थीं। विगत 29 जून 2023 को प्रभाकर राजपूत को जेल भेजा गया था।
मुकदमे की सुनवाई के बाद एक फरवरी 2024 को प्रभाकर पर दोष सिद्ध हुआ था। इसके बाद 24 मार्च 2024 को न्यायालय ने उसे पाक्सो एक्ट में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। केंद्रीय कारागार के जेलर करुणेंद्र यादव ने बताया कि प्रभाकर के स्वजन को सूचना दे दी गई है। उन्होंने बताया कि घटना से पहले उसका व्यवहार सामान्य था। विगत नौ फरवरी को उसकी मां उससे मुलाकात करने जेल आई थी। आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है।