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अरंडी की खेती के साथ रेशम कीट पालन का मौका, किसानों को बताए आधुनिक तकनीक के गुण

Published: Wed, 05 Aug 2026 04:01 PM (IST)

रेशम विभाग ने फतेहपुर में 'मेरा रेशम, मेरा अभिमान' अभियान के तहत किसान गोष्ठी आयोजित की।

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HighLights

  1. फतेहपुर में रेशम विभाग ने किसान गोष्ठी आयोजित की।

  2. अरंडी की खेती और रेशम कीट पालन से आय बढ़ाएं।

  3. रेशम उत्पादन पर 75 हजार रुपये का अनुदान उपलब्ध।

जागरण संवाददाता, फतेहपुर। किसानों की आय बढ़ाने और परंपरागत खेती के साथ अतिरिक्त आमदनी के नए विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेशम विभाग की ओर से सीपीएस स्कूल में मेरा रेशम, मेरा अभिमान अभियान के तहत किसान गोष्ठी आयोजित की गई।

इसमें वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों ने किसानों को अरंडी की खेती के साथ रेशम कीट पालन की तकनीक, सरकारी योजनाओं और अनुदान की विस्तृत जानकारी दी।

केंद्रीय रेशम अनुसंधान एवं प्रसार केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. धर्मेंद्र कुमार जिज्ञाशु ने कहा कि जिले की जलवायु अरंडी की खेती और रेशम कीट पालन के लिए अनुकूल है।

सहायक निदेशक कल्पना गुप्ता ने बताया कि विभाग इच्छुक किसानों को प्रशिक्षण देने के साथ ही रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 75 हजार रुपये तक का अनुदान उपलब्ध करा रहा है।

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सहायक रेशम अधिकारी एसपी निगम, वैज्ञानिक इशिता गरई, सहायक रेशम अधिकारी हमीरपुर मनोज कुमार, सहायक रेशम अधिकारी ललितपुर सीके सिंह, आत्मशक्ति फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के उमेश शुक्ला, अंबरीश द्विवेदी, सत्यम, अभिषेक, धर्मेंद्र कुमार, अमित कुमार मौजूद रहे।

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